सऊदी रक्षा मंत्री खालिद बिन सलमान ने नाटो प्रमुख और अपने समकक्षों के साथ हूथी हमलों पर चर्चा की

Story by  आवाज़ द वॉयस | Published by  onikamaheshwari | Date 30-10-2026
Saudi Defence Minister Khalid bin Salman discusses Houthi attacks with NATO chief, counterparts
Saudi Defence Minister Khalid bin Salman discusses Houthi attacks with NATO chief, counterparts

 

रियाद [सऊदी अरब]
 
सऊदी अरब के रक्षा मंत्री प्रिंस खालिद बिन सलमान ने नाटो (NATO) के महासचिव मार्क रुटे और कनाडा, जर्मनी तथा स्पेन के अपने समकक्षों के साथ अलग-अलग फोन पर बातचीत की। इस दौरान उन्होंने रक्षा सहयोग, क्षेत्रीय घटनाक्रमों और सऊदी अरब के खिलाफ हूती हमलों पर चर्चा की। शुक्रवार को 'X' (ट्विटर) पर कई पोस्ट के जरिए, सऊदी के रक्षा मंत्री खालिद ने अपनी बातचीत का विवरण साझा किया। उन्होंने द्विपक्षीय रक्षा संबंधों, क्षेत्रीय सुरक्षा और स्थिरता को बढ़ावा देने के लिए आपसी समन्वय पर जोर दिया।
 
उन्होंने कहा, "नाटो महासचिव के साथ बातचीत में, हमने रक्षा सहयोग के विभिन्न पहलुओं की समीक्षा की। हमने क्षेत्रीय घटनाक्रमों पर अपने आपसी समन्वय को लेकर चर्चा की, ताकि क्षेत्रीय और अंतरराष्ट्रीय सुरक्षा तथा स्थिरता को बढ़ावा मिल सके। इसके अलावा, हमने आपसी हित के कई अन्य विषयों पर भी बात की।" कनाडा के राष्ट्रीय रक्षा मंत्री डेविड मैकगुंटी के साथ एक अलग बातचीत में, प्रिंस खालिद ने अल्बर्टा स्थित 'कैनेडियन फोर्सेज बेस वेनराइट' में लगी आग के दौरान कनाडाई सैन्य कर्मियों की मौत पर शोक व्यक्त किया और घायलों के जल्द स्वस्थ होने की कामना की।
 
उन्होंने कहा, "कनाडा के राष्ट्रीय रक्षा मंत्री डेविड मैकगुंटी के साथ बातचीत में, मैंने अल्बर्टा के 'कैनेडियन फोर्सेज बेस वेनराइट' में लगी आग में जान गंवाने वाले सैन्य कर्मियों के प्रति अपनी संवेदना व्यक्त की और घायलों के जल्द ठीक होने की कामना की।" उन्होंने आगे कहा, "हमने सऊदी-कनाडा रक्षा सहयोग की संभावनाओं पर भी चर्चा की, क्षेत्रीय घटनाक्रमों और सुरक्षा-स्थिरता को बढ़ावा देने के तरीकों पर बात की, साथ ही सऊदी अरब के खिलाफ हूती आतंकवादी हमलों की निंदा की।" जर्मनी के रक्षा मंत्री बोरिस पिस्टोरियस के साथ बातचीत के दौरान, सऊदी रक्षा मंत्री ने द्विपक्षीय रक्षा संबंधों और क्षेत्रीय घटनाक्रमों पर समन्वय को लेकर चर्चा की।
 
उन्होंने कहा, "जर्मनी के रक्षा मंत्री बोरिस पिस्टोरियस के साथ बातचीत में, हमने अपने द्विपक्षीय रक्षा संबंधों के विभिन्न पहलुओं की समीक्षा की। साथ ही, सुरक्षा और स्थिरता हासिल करने के लिए क्षेत्रीय घटनाक्रमों पर आपसी समन्वय को लेकर चर्चा की।" राजकुमार खालिद ने कहा, "हमने सऊदी अरब के खिलाफ हूती आतंकवादी हमलों की भी निंदा की।"
 
उन्होंने स्पेन की रक्षा मंत्री मार्गरीटा रोबल्स से भी बातचीत की, जिसमें द्विपक्षीय रक्षा सहयोग और हूती हमलों के बाद क्षेत्रीय घटनाक्रमों पर चर्चा हुई। "स्पेन की रक्षा मंत्री मार्गरीटा रोबल्स के साथ बातचीत में, हमने अपने रक्षा सहयोग और सऊदी-स्पेन संबंधों को मजबूत करने के तरीकों की समीक्षा की।" उन्होंने कहा, "हमने सऊदी अरब पर हूथी आतंकवादी हमलों के बाद क्षेत्रीय घटनाक्रमों, और सुरक्षा व स्थिरता को बढ़ावा देने के प्रयासों पर चर्चा की।"
 
यह बातचीत सऊदी अरब और यमन के हूथी समूह के बीच बढ़ते तनाव के बीच हो रही है। हूथी समूह ने सऊदी अरब की सुविधाओं और बुनियादी ढांचे को निशाना बनाकर किए गए छह सैन्य अभियानों की जिम्मेदारी ली है। 29 अक्टूबर को 'X' (ट्विटर) पर जारी एक बयान में, हूथी सैन्य प्रवक्ता याह्या सरी ने दावा किया कि उनके समूह ने छह अभियान चलाए। इन अभियानों में रास तानूरा रिफाइनरी, बुकाइक में अरामको की सुविधा, रियाद में किंग खालिद हवाई अड्डा, दम्मम में किंग फहद अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा, राबिग तेल रिफाइनरी और नज्रान क्षेत्र में सऊदी सैन्य मुख्यालय को निशाना बनाया गया।
 
सरी ने दावा किया कि ये अभियान सऊदी अरब द्वारा यमन के खिलाफ की गई 'आक्रामकता' और हाल के उन हमलों के जवाब में किए गए, जिनमें दर्जनों लोग मारे गए या घायल हुए—जिनमें से अधिकांश महिलाएं और बच्चे थे। उन्होंने सऊदी अरब की सीमा के भीतर सैन्य अभियान जारी रखने की धमकी दी। उन्होंने कहा कि जब तक यमन के खिलाफ सऊदी अरब की 'आक्रामकता' और 'नाकाबंदी' खत्म नहीं हो जाती, तब तक उनका समूह सऊदी सैन्य ठिकानों को निशाना बनाना जारी रखेगा। इस बीच, अल जजीरा की रिपोर्ट के अनुसार, यमन के सशस्त्र बलों ने ताइज़ में हूथी बलों द्वारा दागे गए उन गोलों की तत्काल जांच की मांग की है, जिनमें जहरीले पदार्थ होने का संदेह है। कथित तौर पर, इन गोलों के कारण आम नागरिकों और 'पॉपुलर रेजिस्टेंस' (जन प्रतिरोध) के लड़ाकों को दम घुटने और बेहोश होने जैसी समस्याओं का सामना करना पड़ा।
 
यमनी सशस्त्र बलों के प्रवक्ता द्वारा 'X' पर जारी एक बयान में कहा गया है कि सेना इन खबरों को "बेहद गंभीरता" से ले रही है। उन्होंने "तत्काल जांच" की मांग की है ताकि यह पता लगाया जा सके कि किस तरह के पदार्थों का इस्तेमाल किया गया, उनके क्या प्रभाव पड़े, और ये पदार्थ कहां से आए तथा इन्हें उपलब्ध कराने में कौन-कौन शामिल था।
बयान में हूथी बलों पर ताइज़ में लगातार हमले करने का आरोप लगाया गया है। इनमें स्नाइपर हमले, रिहायशी इलाकों में अंधाधुंध गोलाबारी करना, और पानी, भोजन व दवाओं की आपूर्ति में बाधा डालना शामिल है।
 
यमनी सशस्त्र बलों ने संयुक्त राष्ट्र और संबंधित अंतरराष्ट्रीय संगठनों से इस तत्काल जांच में सहयोग करने का आग्रह किया है। उन्होंने आरोप लगाया कि बार-बार होने वाली ये घटनाएं "युद्ध अपराध" की श्रेणी में आती हैं। उन्होंने प्रभावित आबादी तक मानवीय सहायता पहुंचाने के लिए रास्ते खोलने की भी मांग की है।