नई दिल्ली
29 सितंबर को महेंद्र पार्क पुलिस स्टेशन में वकील कमलदीप के साथ कथित बदसलूकी और मारपीट के विरोध में सोमवार को रोहिणी कोर्ट के वकीलों ने न्यायिक कामकाज से दूरी बनाए रखी। रोहिणी कोर्ट बार एसोसिएशन ने यह भी तय किया है कि दिन के समय किसी भी जिले का कोई भी पुलिस अधिकारी रोहिणी कोर्ट परिसर (नायब कोर्ट सहित) में दाखिल नहीं हो सकेगा। 3 अक्टूबर को जारी एक नोटिस में बार एसोसिएशन ने कहा कि उसकी कार्यकारी समिति ने इस मामले को संयुक्त पुलिस आयुक्त, DCP (उत्तर-पश्चिम जिला), प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश (उत्तर-पश्चिम जिला) और अन्य वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों के सामने उठाया था। एसोसिएशन के अनुसार, वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों ने समिति को भरोसा दिलाया था कि घटना में कथित तौर पर शामिल पुलिसकर्मियों के खिलाफ कड़ी और उचित कार्रवाई की जाएगी।
हालांकि, बार का आरोप है कि संबंधित पुलिसकर्मियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने के बजाय, बाद में वकील कमलदीप के खिलाफ ही मामला दर्ज कर लिया गया। एसोसिएशन ने यह भी आरोप लगाया कि वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों के आश्वासन के बावजूद मामला दर्ज किए जाने की जानकारी उसकी कार्यकारी समिति को नहीं दी गई।
बार ने मामले को संभालने के तरीके पर कड़ी आपत्ति जताई और कहा कि वकीलों की गरिमा, सुरक्षा और पेशेवर स्वतंत्रता से समझौता नहीं किया जा सकता।
एसोसिएशन ने इस घटना और उसके बाद की गतिविधियों को गंभीर मामला बताया और कहा कि प्रैक्टिस करने वाले किसी भी वकील को डराने-धमकाने की किसी भी कोशिश का कानूनी तरीकों से विरोध किया जाएगा। विरोध स्वरूप, कार्यकारी समिति ने फैसला किया कि वकील सोमवार को रोहिणी कोर्ट में न्यायिक कामकाज से पूरी तरह दूर रहेंगे।
बार के नोटिस के अनुसार, प्रवेश पर लगी इस रोक में नायब कोर्ट के तौर पर तैनात पुलिसकर्मी भी शामिल होंगे। बार एसोसिएशन ने अपने सदस्यों से एकजुट रहने और न्यायिक कामकाज से दूर रहने के फैसले में पूरा सहयोग देने की अपील की है।
इस बीच, दिल्ली पुलिस ने कहा है कि 29 सितंबर की घटना के सिलसिले में दो हेड कांस्टेबलों के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई शुरू की गई है और दोनों को डिस्ट्रिक्ट लाइन्स भेज दिया गया है।
पुलिस ने यह भी कहा है कि पुलिसकर्मियों की शिकायत पर एक क्रॉस-FIR दर्ज की गई थी। दोनों पक्षों द्वारा लगाए गए आरोपों की जांच की जा रही है। यह विवाद एक पुलिस स्टेशन में एक वकील के साथ कथित तौर पर किए गए बर्ताव को लेकर कानूनी बिरादरी की चिंताओं के बीच सामने आया है। बार एसोसिएशन का कहना है कि ज़िम्मेदार लोगों के ख़िलाफ़ उचित कार्रवाई करके इस मामले को सुलझाया जाना चाहिए, जबकि पुलिस का कहना है कि जांच के तहत दोनों पक्षों के आरोपों की पड़ताल की जा रही है।