पंजाब DGP मामले में CBI जांच के आदेश

Story by  आवाज़ द वॉयस | Published by  onikamaheshwari | Date 05-10-2026
Punjab & Haryana HC orders CBI probe in matter involving ED letters to Punjab DGP
Punjab & Haryana HC orders CBI probe in matter involving ED letters to Punjab DGP

 

नई दिल्ली 
 
पंजाब और हरियाणा हाई कोर्ट ने आदेश दिया है कि प्रवर्तन निदेशालय (ED) द्वारा पंजाब के पुलिस महानिदेशक (DGP) को लिखे गए पत्रों से जुड़े मामले की जांच केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) को सौंपी जाए। कोर्ट ने यह फैसला वकील निखिल सराफ द्वारा दायर जनहित याचिका (PIL) पर सुनाया। गौरतलब है कि ED ने पंजाब के DGP को तीन पत्र लिखकर मुख्यमंत्री भगवंत मान के विशेष कर्तव्य अधिकारी (OSD) राजबीर सिंह घुम्मन और कुछ अन्य लोगों के खिलाफ भ्रष्टाचार में शामिल होने के आरोप में FIR दर्ज करने की मांग की थी। पंजाब पुलिस द्वारा मामला दर्ज न किए जाने के बाद हाई कोर्ट में यह जनहित याचिका दायर की गई थी।
 
पंजाब BJP के वरिष्ठ नेता तीक्ष्ण सूद ने मामले की जांच सौंपने के हाई कोर्ट के फैसले का स्वागत किया। सूद ने कहा कि आरोपों की प्रकृति और इस तथ्य को देखते हुए कि ED ने इस मामले में पंजाब के DGP को तीन बार पत्र लिखा था, हाई कोर्ट के फैसले ने अब पूरे मामले को औपचारिक जांच के दायरे में ला दिया है। उन्होंने आरोप लगाया कि आम आदमी पार्टी सरकार और उसके नेताओं की पोल खुल गई है। उन्होंने कहा कि जांच के दौरान पंजाब में हुई कथित लूट का विवरण सामने आएगा।
 
तीक्ष्ण सूद ने भरोसा जताया कि CBI सच्चाई का पता लगाने के लिए त्वरित और गहन जांच करेगी, जिससे जनता के सामने यह स्पष्ट हो जाएगा कि आम आदमी पार्टी सरकार और उसके नेताओं ने कथित तौर पर राज्य को कैसे लूटा। इससे पहले गुरुवार को, पंजाब और हरियाणा हाई कोर्ट ने पंजाब सरकार को सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों के अनुसार एक नियमित पुलिस महानिदेशक (DGP) नियुक्त करने का निर्देश दिया और मुख्य सचिव से 13 अक्टूबर, 2026 को सुनवाई की अगली तारीख तक अनुपालन हलफनामा दाखिल करने को कहा।
 
यह निर्देश वकील निखिल थम्मन द्वारा दायर जनहित याचिका (PIL) की सुनवाई के दौरान आया, जिन्होंने कहा था कि पंजाब में चार साल से अधिक समय से कोई नियमित DGP नहीं है। याचिका में प्रकाश सिंह बनाम भारत सरकार मामले में सुप्रीम कोर्ट के फ़ैसले और रेगुलर DGP की नियुक्ति से जुड़े निर्देशों का ज़िक्र किया गया। याचिकाकर्ता ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों के मुताबिक, DGP की नियुक्ति यूनियन पब्लिक सर्विस कमीशन (UPSC) की सिफारिश वाले पैनल से की जानी चाहिए।