कर्मचारियों के लिए संशोधित एनपीएस वैकल्पिक है : महाराष्ट्र सरकार

Story by  PTI | Published by  [email protected] | Date 06-05-2026
Revised NPS is optional for employees: Maharashtra government
Revised NPS is optional for employees: Maharashtra government

 

आवाज द वॉयस/नई दिल्ली 

 
महाराष्ट्र सरकार ने मौजूदा राष्ट्रीय पेंशन प्रणाली (एनपीएस) के अंतर्गत आने वाले कर्मचारियों के लिए संशोधित एनपीएस को वैकल्पिक बना दिया है। यह जानकारी राज्य के वित्त विभाग द्वारा बुधवार को जारी एक परिपत्र में दी गई।
 
परिपत्र में उन सरकारी कर्मचारियों के लिए संशोधित राष्ट्रीय पेंशन प्रणाली (एनपीएस) के कार्यान्वयन की विस्तृत प्रक्रिया बताई गई है जो इसे अपनाने का विकल्प चुनते हैं। इसमें स्पष्ट किया गया कि यह योजना केवल उन्हीं पर लागू होगी जो निर्धारित समयसीमा के भीतर विकल्प का प्रयोग करेंगे।
 
सरकार ने पहले पात्र और इच्छुक कर्मचारियों को 31 दिसंबर 2026 तक संशोधित योजना में शामिल होने का विकल्प देने की अनुमति दी थी।
 
महाराष्ट्र मंत्रिमंडल ने कुछ वर्ष पहले केंद्र की एकीकृत पेंशन योजना (यूपीएस) के अनुरूप राज्य सरकार के कर्मचारियों के लिए संशोधित एनपीएस लागू करने को मंजूरी दी थी।
 
सरकार की वेबसाइट पर जारी नए परिपत्र के अनुसार, निर्धारित आयु में सेवानिवृत्त होने वाले और 20 वर्ष या उससे अधिक सेवा पूरी कर चुके तथा संशोधित योजना का चयन करने वाले कर्मचारियों को अंतिम वेतन का 50 प्रतिशत पेंशन के रूप में मिलेगा, साथ ही महंगाई भत्ता भी दिया जाएगा। 10 से 20 वर्ष की सेवा वाले कर्मचारियों के लिए पेंशन, अंतिम वेतन के आधार पर सेवा अवधि के अनुपात में तय की जाएगी।
 
सरकार ने संशोधित योजना के तहत कम से कम 10 वर्ष की सेवा के बाद सेवानिवृत्त होने वाले कर्मचारियों के लिए न्यूनतम पेंशन 7,500 रुपये प्रति माह तय की है जबकि 10 वर्ष से कम सेवा देने वाले कर्मचारी पेंशन लाभ के पात्र नहीं होंगे।
 
परिपत्र के अनुसार, परिवार पेंशन के रूप में स्वीकृत पेंशन का 60 प्रतिशत महंगाई राहत के साथ दिया जाएगा।
 
इसमें यह भी अनिवार्य किया गया कि संशोधित योजना का चयन करने वाले कर्मचारियों को सेवानिवृत्ति के समय पेंशन निधि विनियामक एवं विकास प्राधिकरण (पीएफआरडीए) से प्राप्त कुल संचित राशि का 60 प्रतिशत सरकार के पास आहरण एवं वितरण अधिकारी (डीडीओ) के माध्यम से जमा करना होगा।
 
संचित निधि का शेष 40 प्रतिशत हिस्सा ‘एन्युटी’ (नियमित पेंशन देने वाली बीमा योजना) खरीदने के लिए उपयोग किया जाएगा और ‘एन्युटी’ की राशि को राज्य सरकार द्वारा देय पेंशन के विरुद्ध समायोजित किया जाएगा।