नई दिल्ली
लिस्टेड फिनटेक कंपनी AvenuesAI Ltd की सब्सिडियरी, Rediff.com India Ltd ने, सिक्योरिटीज एंड एक्सचेंज बोर्ड ऑफ इंडिया (SEBI) के पास गोपनीय प्री-फाइलिंग रूट के ज़रिए ड्राफ्ट रेड हेरिंग प्रॉस्पेक्टस (DRHP) दाखिल किया है। यह संभावित पब्लिक लिस्टिंग की दिशा में एक अहम कदम है। मंगलवार को स्टॉक एक्सचेंज में दाखिल अपने बयान में AvenuesAI ने कहा, "Rediff.com India Limited ('Rediff'), जो AvenuesAI Limited ('कंपनी') की सब्सिडियरी है, ने अपने इक्विटी शेयरों के प्रस्तावित इनिशियल पब्लिक ऑफरिंग (IPO) के लिए SEBI, BSE और NSE के पास प्री-फाइल्ड ड्राफ्ट रेड हेरिंग प्रॉस्पेक्टस ('Pre-DRHP') दाखिल किया है..."
इस घटनाक्रम से जुड़े लोगों के मुताबिक, प्रस्तावित इनिशियल पब्लिक ऑफरिंग से 600 करोड़ रुपये से 800 करोड़ रुपये के बीच की रकम जुटाई जा सकती है, हालांकि इसका अंतिम आकार बाज़ार की स्थितियों और रेगुलेटरी मंज़ूरी पर निर्भर करेगा। यह कदम Rediff के एक पुराने इंटरनेट पोर्टल से AI-आधारित डिजिटल प्लेटफॉर्म में बदलने की व्यापक रणनीतिक बदलाव की प्रक्रिया के बीच आया है। 2024 में AvenuesAI (पहले Infibeam Avenues Ltd) द्वारा अधिग्रहण और उसके बाद हुए बिज़नेस इंटीग्रेशन के बाद, कंपनी ने AI-आधारित डिजिटल पेमेंट्स, एंटरप्राइज़ सॉफ्टवेयर और कंटेंट प्लेटफॉर्म्स में अपनी मौजूदगी का विस्तार किया है।
कंपनी के मुताबिक, विशाल मेहता के नेतृत्व में Rediff एक ऐसा एकीकृत डिजिटल इकोसिस्टम तैयार कर रही है, जो आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और क्लाउड-आधारित इंफ्रास्ट्रक्चर पर केंद्रित है। कंपनी को हाल ही में नेशनल पेमेंट्स कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया (NPCI) से UPI लाइसेंस मिला है, जिससे वह अपने प्रस्तावित RediffPay प्लेटफॉर्म के ज़रिए तेज़ी से बढ़ते रियल-टाइम पेमेंट्स के क्षेत्र में कदम रख सकेगी। इसके साथ ही, Rediff अपने RediffOne प्लेटफॉर्म का विस्तार कर रही है। यह एक एकीकृत एंटरप्राइज़ पेशकश है, जो ईमेल, सहयोग के उपकरण, कॉमर्स और बिज़नेस एप्लीकेशन्स को एक ही प्लेटफॉर्म पर एक साथ लाती है। कंपनी उभरती हुई टेक्नोलॉजीज़ में भी अवसर तलाश रही है, जिसमें AI-आधारित समाधानों के लिए एक एजेंट मार्केटप्लेस भी शामिल है।
1996 में स्थापित और मुंबई में मुख्यालय वाली Rediff, भारत की शुरुआती इंटरनेट कंपनियों में से एक है, जो बदलते डिजिटल उपभोग और एंटरप्राइज़ की ज़रूरतों के हिसाब से खुद को नए सिरे से ढालने की कोशिश कर रही है।
गोपनीय प्री-फाइलिंग रूट कंपनियों को शुरुआती चरण में विस्तृत वित्तीय और व्यावसायिक आंकड़ों को सार्वजनिक करने से रोकने की सुविधा देता है। इससे उन्हें औपचारिक IPO लॉन्च करने से पहले बाज़ार की स्थितियों का आकलन करने की सहूलियत मिलती है। हाल के वर्षों में, PhonePe, Oyo, Swiggy, PhysicsWallah, Vishal Mega Mart, Credila Financial Services, Tata Capital और Tata Play जैसी कई बड़ी कंपनियों ने IPO के लिए गोपनीय प्री-फाइलिंग तरीके का इस्तेमाल किया है।