नई दिल्ली
कर्नाटक की राजधानी बेंगलुरु में दीवार गिरने से हुए दर्दनाक हादसे पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गहरा शोक व्यक्त किया है। इस दुर्घटना में कम से कम सात लोगों की मौत हो गई, जिनमें तीन मासूम बच्चे भी शामिल हैं। यह हादसा शहर के बोवरिंग एंड लेडी कर्जन अस्पताल के पास हुआ, जहां अचानक एक कंपाउंड वॉल गिर गई।
प्रधानमंत्री मोदी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर अपनी संवेदना व्यक्त करते हुए कहा कि यह घटना बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है। उन्होंने शोक संतप्त परिवारों के प्रति संवेदना जताई और घायलों के शीघ्र स्वस्थ होने की कामना की। साथ ही, प्रधानमंत्री कार्यालय की ओर से मृतकों के परिजनों के लिए आर्थिक सहायता की घोषणा भी की गई है। इसके तहत प्रत्येक मृतक के परिवार को प्रधानमंत्री राष्ट्रीय राहत कोष (PMNRF) से 2 लाख रुपये और घायलों को 50 हजार रुपये की मदद दी जाएगी।
इस घटना ने राज्य की राजनीति में भी हलचल पैदा कर दी है। कर्नाटक विधानसभा में विपक्ष के नेता आर. अशोक ने सरकार पर लापरवाही का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि यह सरकारी अस्पताल की दीवार थी, जिसकी देखरेख ठीक से नहीं की गई, जिसके कारण यह हादसा हुआ। उन्होंने इस मामले में न्यायिक जांच की मांग की है।
वहीं, कांग्रेस नेता रिजवान अरशद ने भी घटना पर दुख जताते हुए कहा कि यह बेहद दिल दहला देने वाली घटना है। उन्होंने बताया कि कई लोग बारिश से बचने के लिए दीवार के पास खड़े थे, तभी यह हादसा हुआ। उन्होंने सरकार से मृतकों के परिजनों को दी जाने वाली मुआवजा राशि बढ़ाने की भी अपील की।
कर्नाटक के मुख्यमंत्री सिद्धारमैया ने घटनास्थल का दौरा किया और हालात का जायजा लिया। मुख्यमंत्री कार्यालय ने पुष्टि की कि इस हादसे में सात लोगों की मौत हुई है। उन्होंने अधिकारियों को तत्काल राहत और बचाव कार्य तेज करने के निर्देश दिए हैं।
उपमुख्यमंत्री डी.के. शिवकुमार ने भी पुलिस अधिकारियों से बातचीत कर तुरंत मौके पर पहुंचने की बात कही और कहा कि सरकार हर संभव मदद उपलब्ध कराएगी।
प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, यह दीवार करीब 25-30 साल पुरानी थी। हालांकि, यह स्पष्ट नहीं है कि इसकी हालत इतनी कमजोर कैसे हो गई कि यह अचानक गिर गई। प्रशासन ने घटना की जांच के आदेश दे दिए हैं और दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई का आश्वासन दिया है।
यह हादसा एक बार फिर शहरी ढांचे की सुरक्षा और रखरखाव पर सवाल खड़े करता है। फिलहाल राहत और बचाव कार्य जारी है और घायलों का इलाज नजदीकी अस्पतालों में किया जा रहा है।