Parliament Budget Session: Opposition MPs protest against FCRA Amendment Bill 2026 at Makar Dwar
नई दिल्ली
विपक्षी सांसदों ने बुधवार को संसद के मकर द्वार पर विरोध प्रदर्शन किया और विदेशी अंशदान (विनियमन) संशोधन विधेयक, 2026 को वापस लेने की मांग की। कांग्रेस सांसद हिबी ईडन ने इसे एक "कठोर कानून" बताया, जो पूरे देश में अल्पसंख्यकों और NGOs पर असर डाल सकता है। ANI से बात करते हुए ईडन ने कहा, "यह एक कठोर कानून है जो न केवल अल्पसंख्यकों के हितों को नुकसान पहुंचाएगा, बल्कि भारत में चल रहे कई NGOs के हितों को भी प्रभावित करेगा... हम इसकी कड़ी निंदा और विरोध करेंगे, और इस विधेयक को वापस लेने की मांग करेंगे।"
कांग्रेस सांसद धर्मवीर गांधी ने कहा, "...हम इसके खिलाफ हैं। यह एक निष्पक्ष फैसला होना चाहिए जिससे समाज के सभी वर्गों को फायदा हो; यह चुनिंदा नहीं हो सकता।" रिवोल्यूशनरी सोशलिस्ट पार्टी के सांसद एन.के. प्रेमचंद्रन ने कहा, "यह ईसाई या किसी खास समुदाय का सवाल नहीं है। यह BJP की तरफ से एक सोची-समझी साजिश है, जिसका मकसद अल्पसंख्यकों के विशेषाधिकार और अधिकार छीनना है..."
विदेशी अंशदान (विनियमन) संशोधन विधेयक, 2026 को आज लोकसभा में विचार और पारित करने के लिए सूचीबद्ध किया गया है। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह यह प्रस्ताव पेश करेंगे कि इस विधेयक पर चर्चा की जाए, जिसका उद्देश्य विदेशी अंशदान (विनियमन) अधिनियम, 2010 में और संशोधन करना है।
FCRA विधेयक, 2026 को 25 मार्च को लोकसभा में पेश किया गया था। इसका उद्देश्य विदेशी अंशदान (विनियमन) अधिनियम, 2010 में संशोधन करना है, और इसका लक्ष्य भारत में विदेशी अंशदान में पारदर्शिता और जवाबदेही बढ़ाना है।
इसके अलावा, वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण एक वैधानिक प्रस्ताव पेश करेंगी, जिसमें अधिसूचना संख्या 07/2026-केंद्रीय उत्पाद शुल्क को मंजूरी दी जाएगी। यह अधिसूचना एविएशन टर्बाइन फ्यूल (ATF) पर 50 रुपये प्रति लीटर का विशेष अतिरिक्त उत्पाद शुल्क लगाती है।
यह फैसला वैश्विक कच्चे तेल की बढ़ती कीमतों और विमानन क्षेत्र में बढ़ती परिचालन लागत की पृष्ठभूमि में लिया गया है।
सदन की कार्यवाही सुबह 11 बजे शुरू होगी। इसकी शुरुआत प्रश्नकाल से होगी, जिसके बाद मंत्रीगण सदन के पटल पर दस्तावेज रखेंगे। इनमें जितेंद्र सिंह (विज्ञान और प्रौद्योगिकी) और रवनीत सिंह (रेलवे) शामिल हैं।
सदन लोक लेखा समिति (PAC) की रिपोर्ट और बयानों पर भी विचार करेगा, जो वित्त वर्ष 2025-26 से संबंधित हैं। BJP सांसद जगदंबिका पाल और जय प्रकाश द्वारा प्रस्तुत की गई प्रमुख रिपोर्टों में 39वीं से 44वीं रिपोर्टें शामिल हैं। इन रिपोर्टों में वोटेड ग्रांट्स और चार्ज्ड एप्रोप्रिएशन्स में हुई अतिरिक्त खर्चों से लेकर भारतीय रेलवे में हुई दुर्घटनाओं और यात्रियों से सर्विस टैक्स/GST वसूली से जुड़े विभिन्न मुद्दों को शामिल किया गया है।