आवाज द वॉयस/नई दिल्ली
राजस्थान में औचक निरीक्षण के दौरान मूंगफली के बीजों के लिए गए 15 नमूनों में से 14 निर्धारित आनुवंशिक शुद्धता मानकों पर खरे नहीं उतरे हैं। कृषि मंत्री किरोड़ी लाल मीणा ने यह जानकारी दी।
मीणा ने संबंधित कंपनियों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज करने और उनके लाइसेंस निरस्त करने के निर्देश दिए हैं।
एक सरकारी बयान के अनुसार कुछ व्यापारियों द्वारा बाजार से अनाज खरीदकर उसे आकर्षक पैकिंग में बीज बताकर बेचने की शिकायतों के बाद गोविंदगढ़, सीकर, जयपुर, सुजानगढ़, चूरू और बीकानेर में औचक निरीक्षण किए गए।
मीणा ने बताया कि मूंगफली की पांच किस्मों के 15 नमूनों की चार सदस्यीय विशेषज्ञ दल से ‘ग्रो-आउट टेस्ट’ के जरिए जांच कराई गई तथा जांच में 14 नमूने निर्धारित आनुवंशिक शुद्धता मानकों पर खरे नहीं उतरे, जबकि केवल एक नमूना संतोषजनक पाया गया।
मंत्री ने बताया कि ‘ग्रो-आउट टेस्ट’ में बीजों के नमूनों को उगाकर उनसे प्राप्त पौधों की विशेषताओं की प्रमाणित संदर्भ किस्मों से तुलना की जाती है, इससे बीजों की आनुवंशिक शुद्धता का पता लगाया जाता है।
उन्होंने कहा कि घटिया गुणवत्ता के बीज बेचकर किसानों के साथ धोखाधड़ी करने वाली कंपनियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।