Order to pay Rs 1.80 crore compensation to the family of the couple who lost their lives in a road accident
आवाज द वॉयस/नई दिल्ली
मोटर दुर्घटना दावा न्यायाधिकरण (एमएसीटी) ने 2018 में मुंबई-पुणे एक्सप्रेसवे पर हुए सड़क हादसे में जान गंवाने वाले एक दंपति के परिवार को 1.80 करोड़ रुपये का मुआवजा देने का आदेश दिया।
उस साल 23 दिसंबर को एक ट्रक चालक ने बीच रास्ते में अचानक ब्रेक लगा दिए, जिस कारण पीछे से आ रही अंकित भूपिंदरसिंह चुग की कार ट्रक से टकरा गई।
कार में चुग, उनकी पत्नी संजना और उनके दो नाबालिग बच्चे सवार थे।
दुर्घटना में गंभीर रूप से घायल चुग और संजना की कुछ समय बाद पनवेल के ग्रामीण अस्पताल में मौत हो गई।
एमएसीटी की सदस्य गौरी कावडिकर ने 29 अक्टूबर को दिए गए आदेश में कहा कि आगे चल रहे वाहनों से सुरक्षित दूरी बनाए रखना चालक की जिम्मेदारी होती है।
आदेश में कहा गया कि अगर आगे चल रहा वाहन अचानक ब्रेक लगा देता है तो इसके लिए पीछे चल रहे वाहन को दोषी नहीं ठहराया जा सकता।
उस साल 23 दिसंबर को एक ट्रक चालक ने बीच रास्ते में अचानक ब्रेक लगा दिए, जिस कारण पीछे से आ रही अंकित भूपिंदरसिंह चुग की कार ट्रक से टकरा गई।
कार में चुग, उनकी पत्नी संजना और उनके दो नाबालिग बच्चे सवार थे।
दुर्घटना में गंभीर रूप से घायल चुग और संजना की कुछ समय बाद पनवेल के ग्रामीण अस्पताल में मौत हो गई।
एमएसीटी की सदस्य गौरी कावडिकर ने 29 अक्टूबर को दिए गए आदेश में कहा कि आगे चल रहे वाहनों से सुरक्षित दूरी बनाए रखना चालक की जिम्मेदारी होती है।
आदेश में कहा गया कि अगर आगे चल रहा वाहन अचानक ब्रेक लगा देता है तो इसके लिए पीछे चल रहे वाहन को दोषी नहीं ठहराया जा सकता।