Operation Kavach 13.0: 222 arrested, 1,579 detained in 48-hour West district crackdown
नई दिल्ली
पराध और गैर-कानूनी गतिविधियों पर रोक लगाने के मकसद से दिल्ली पुलिस के पश्चिमी ज़िले ने एक बड़ी कार्रवाई करते हुए 'ऑपरेशन कवच 13.0' के तहत 48 घंटे का सघन अभियान चलाया। जारी बयान के मुताबिक, पुलिस मुख्यालय (PHQ) के निर्देशों पर 29 मार्च (शाम 6 बजे) से 31 मार्च (शाम 6 बजे) तक चलाए गए इस ऑपरेशन के दौरान 200 से ज़्यादा गिरफ्तारियां हुईं और अपराध की आशंका वाले चिन्हित इलाकों में बड़े पैमाने पर कार्रवाई की गई।
'ऑपरेशन कवच 13.0' के तहत झुग्गी-झोपड़ी (JJ) क्लस्टरों, शराब के रास्तों और अपराध की आशंका वाले अन्य इलाकों में 222 गिरफ्तारियां, 1,579 लोगों को हिरासत में लेना और खुफिया जानकारी के आधार पर 93 जगहों पर छापेमारी की गई। सभी पुलिस थानों ने स्पेशल स्टाफ, ANTF और AATS यूनिटों के सहयोग से चिन्हित हॉटस्पॉट पर रियल-टाइम तालमेल के साथ नाकाबंदी, निगरानी, रात में गश्त और अचानक छापेमारी की।
इस अभियान के दौरान पुलिस ने NDPS एक्ट के तहत नौ मामले दर्ज किए और गांजा, हेरोइन और स्मैक सहित कुल 8.894 किलोग्राम प्रतिबंधित सामग्री ज़ब्त की। दिल्ली आबकारी अधिनियम के तहत 24 मामले दर्ज किए गए, जिसके परिणामस्वरूप 2,198 बोतलें (क्वार्टर) अवैध शराब बरामद की गईं। जारी बयान के अनुसार, शस्त्र अधिनियम के तहत की गई कार्रवाई में 18 मामले दर्ज किए गए, जिसमें 18 चाकू, दो स्कूटी और एक मोबाइल फोन ज़ब्त किया गया।
इसके अलावा, जुआ अधिनियम के तहत 19 मामले दर्ज किए गए, जिसमें ₹26,470 नकद बरामद किए गए। जारी बयान में यह भी बताया गया है कि पुलिस ने इस अभियान के दौरान COTPA एक्ट के तहत 254 चालान जारी किए और ₹50,800 का जुर्माना वसूला।
रोकथाम के उपायों के तहत 182 वाहन ज़ब्त किए गए, BNSS के तहत 132 लोगों को एहतियातन गिरफ्तार किया गया, आबकारी अधिनियम के तहत 137 एहतियाती कार्रवाई (40A/40B) की गईं और 188 BC/HS (बदमाशों/इतिहासकारों) की जांच की गई।
इस ऑपरेशन का मकसद नशीले पदार्थों के तस्करों, अवैध शराब के तस्करों, अवैध हथियार रखने वालों, जुआरियों, BNSS के अपराधियों, DP एक्ट का उल्लंघन करने वालों, COTPA का उल्लंघन करने वालों और अन्य असामाजिक तत्वों को निशाना बनाना था, ताकि ज़िले में सक्रिय अपराध के नेटवर्क को करारा झटका दिया जा सके। पुलिस ने बताया कि इस लगातार कार्रवाई से पुलिस की मौजूदगी बढ़ी, अवैध नेटवर्क बाधित हुए और पूरे ज़िले में आदतन अपराधियों के खिलाफ रोक मज़बूत हुई।