एनटीपीसी परमाणु योजनाओं को आगे बढ़ाने के लिए अंतरराष्ट्रीय सहयोग की संभावनाओं पर कर रही विचार

Story by  PTI | Published by  [email protected] | Date 02-01-2026
NTPC exploring possibilities of international collaboration to take forward nuclear plans
NTPC exploring possibilities of international collaboration to take forward nuclear plans

 

आवाज द वॉयस/नई दिल्ली

 
एनटीपीसी ऊर्जा उत्पादन में विविधता लाने की अपनी परमाणु महत्वाकांक्षाओं को आगे बढ़ाने के लिए प्रौद्योगिकी और ईंधन के क्षेत्र में कई अंतरराष्ट्रीय सहयोगों की संभावनाओं का पता लगा रही है।
 
सरकार के 2047 तक 100 गीगावाट परमाणु ऊर्जा क्षमता के लक्ष्य को पूरा करने के उद्देश्य के साथ एनटीपीसी देश भर में विभिन्न स्थानों पर करीब 30 गीगावाट की कंपनी के स्वामित्व वाली परमाणु परियोजनाएं स्थापित करने की योजना बना रही है।
 
सूत्रों ने बताया कि कंपनी ने 2032 तक दो गीगावाट परमाणु ऊर्जा क्षमता स्थापित करने का लक्ष्य रखा है।
 
उन्होंने बताया कि प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में एनटीपीसी ने वैश्विक ऊर्जा क्षेत्र की कंपनियों रोसाटॉम और ईडीएफ के साथ गोपनीय समझौते किए हैं। इसका मकसद भारत में बड़े ‘प्रेशराइज्ड वाटर रिएक्टर’ परियोजनाओं को स्थापित करने के लिए सहयोग की संभावनाओं का पता लगाना है।
 
इसके अलावा, एनटीपीसी व होल्टेक इंटरनेशनल भविष्य की परमाणु परियोजनाओं में छोटे मॉड्यूलर रिएक्टर (एसएमआर) की तैनाती की संभावनाओं का पता लगा रहे हैं। एसएमआर में मॉड्यूलर निर्माण, उन्नत सुरक्षा विशेषताओं और चरणबद्ध तरीके से तैनाती की उपयुक्तता जैसे कई संभावित लाभ हैं।
 
कंपनी अमेरिका स्थित क्लीन कोर थोरियम एनर्जी (सीसीटीई) में अल्पांश इक्विटी निवेश पर भी विचार कर रही है जिसे रणनीतिक प्रारंभिक चरण का निवेश माना जा रहा है। यह निवेश आवश्यक जांच प्रक्रिया पूरी होने और संबंधित वैधानिक व नियामकीय मंजूरियों के अधीन होगा।
 
एनटीपीसी साथ ही गुजरात, मध्य प्रदेश, बिहार, आंध्र प्रदेश आदि राज्यों में परमाणु संयंत्रों के लिए भूमि विकल्पों का सक्रिय रूप से मूल्यांकन कर रही है। परमाणु ऊर्जा नियामक, निदेशक मंडल से मंजूरी मिलने के बाद ही इन स्थानों को लेकर अंतिम निर्णय लेगा।