'व्हिसलब्लोअर्स' के खिलाफ 'कार्रवाई' को लेकर शिकायत, एनएचआरसी ने स्वास्थ्य मंत्रालय को नोटिस भेजा

Story by  PTI | Published by  [email protected] | Date 08-04-2026
NHRC issues notice to Health Ministry over complaint of 'action' against whistleblowers
NHRC issues notice to Health Ministry over complaint of 'action' against whistleblowers

 

आवाज द वॉयस/नई दिल्ली 

 
 राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग (एनएचआरसी) ने स्वास्थ्य मंत्रालय, एफएसएसएआई और दिल्ली पुलिस को एक शिकायत के बाद नोटिस जारी किया है। शिकायत में कहा गया है कि कथित गलत कामों के खिलाफ व्यापक जनहित में आवाज उठाने वाले "व्हिसलब्लोअर्स" के खिलाफ "कार्रवाई" की गई थी।

मानवाधिकार पैनल ने दो सप्ताह के भीतर कार्रवाई रिपोर्ट भी मांगी है।
 
इस मामले में शिकायतकर्ता ने दावा किया है कि कुछ व्यक्तियों ने भर्ती प्रक्रिया के दौरान "फर्जी" दस्तावेज जमा किए थे और भारतीय खाद्य सुरक्षा एवं मानक प्राधिकरण (एफएसएसएआई) ने भी इस मामले की "आंतरिक जांच" की और उन्हें "दोषी" पाया।
 
कार्यवाही के अनुसार, शिकायतकर्ता ने यह भी दावा किया कि जांच रिपोर्ट का जो हिस्सा साझा किया गया था, वह "बिना किसी जोड़, परिवर्तन या व्यक्तिगत व्याख्या के किया गया था, और इसे सद्भावना से और किसी भी व्यक्ति की प्रतिष्ठा को नुकसान पहुंचाने या दुर्भावनापूर्ण कार्य करने के किसी भी इरादे के बिना प्रसारित किया गया था।"
 
शिकायतकर्ता ने यह भी आरोप लगाया कि मार्च 2026 में एक प्राथमिकी "उनके" (मुद्दा उठाने वाले लोगों के) खिलाफ एक आधिकारिक आंतरिक जांच रिपोर्ट में दर्ज निष्कर्षों की रिपोर्ट करने के लिए दर्ज की गई थी।
 
इस मामले के बारे में पूछे जाने पर, एनएचआरसी सदस्य प्रियांक कानूनगो ने मंगलवार को कहा कि "व्हिसलब्लोअर" में से एक व्यक्ति, जिसने सोशल मीडिया पोस्ट के माध्यम से "अनियमितता" का मुद्दा उठाया था, उसने राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग (एनएचआरसी) में शिकायत दर्ज कराई है, जिसमें आरोप लगाया गया है कि इस मुद्दे को उठाने वाले व्यक्तियों के खिलाफ पुलिस मामला दर्ज किया गया है।
 
कार्यवाही में यह कहा गया है कि शिकायतकर्ता के आरोप के मुताबिक, वह लोग "व्हिसलब्लोअर" हैं, जिन्होंने व्यापक जनहित में भ्रष्टाचार और कुप्रथाओं के खिलाफ आवाज उठाई। कानूनगो की अध्यक्षता में राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग (एनएचआरसी) की एक पीठ ने मानवाधिकार संरक्षण अधिनियम, 1993 की धारा 12 के तहत मामले का संज्ञान लिया।
 
पीठ ने सात अप्रैल की कार्यवाही में यह टिप्पणी की कि शिकायत में लगाए गए आरोप प्रथम दृष्टया शिकायतकर्ता के मानवाधिकारों के “उल्लंघन” प्रतीत होते हैं।
 
पीठ ने कहा “रजिस्ट्री को निर्देश दिया जाता है कि वह नई दिल्ली स्थित एफएसएसएआई के सीईओ, भारत सरकार के स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्रालय के सचिव, तथा मध्य दिल्ली के डीसीपी को नोटिस जारी करे, ताकि शिकायत में लगाए गए आरोपों की जांच कराई जा सके।”
 
एनएचआरसी ने केंद्रीय दिल्ली के डीसीपी से यह सुनिश्चित करने को कहा है कि “व्हिसल ब्लोअर’’ शिकायतकर्ता की पहचान और विवरण उजागर न किए जाएं तथा उनकी सुरक्षा, संरक्षा और गोपनीयता का, विशेषकर व्हिसल ब्लोअर्स प्रोटेक्शन एक्ट, 2014 के प्रावधानों के अनुसार उचित रूप से संरक्षण किया जाए।
 
कार्यवाही में यह भी जोड़ा गया कि डीसीपी को निर्देश दिया गया कि “एफएसएसएआई द्वारा गठित समिति की जांच रिपोर्ट को जांच का हिस्सा बनाया जाए”, क्योंकि “ऐसा प्रतीत होता है कि उक्त जांच रिपोर्ट के विवरण/दस्तावेजों के कथित लीक के आधार पर प्राथमिकी दर्ज की गई है।”