New Income Tax Law and Several Budgetary Provisions to Come into Effect from April 1; STT on F&O Deals to Increase.
आवाज द वॉयस/नई दिल्ली
नए आयकर कानून और अन्य बजटीय प्रावधान एक अप्रैल से लागू होंगे। इन बजटीय प्रावधान में वायदा एवं विकल्प (एफएंडओ) व्यापार पर उच्च प्रतिभूति लेनदेन कर (एसटीटी) और चिकित्सा तथा शिक्षा उद्देश्यों के लिए विदेशी पर्यटन पैकेज एवं एलआरएस प्रेषणों पर कम टीसीएस शामिल हैं।
इसके अलावा, भारत में डेटा सेंटर सेवाएं लेने वाली विदेशी कंपनियों को 2047 तक 20 वर्ष की कर छूट और सॉफ्टवेयर कंपनियों के लिए ‘सेफ हार्बर’ प्रावधानों की सीमा बढ़ाने से संबंधित बजट घोषणाएं भी वित्त वर्ष 2026-27 की शुरुआत के साथ बुधवार से प्रभावी हो जाएंगी।
आयकर अधिनियम, 2025 एक अप्रैल 2026 से आयकर अधिनियम, 1961 का स्थान लेगा। नए कानून का उद्देश्य उसी कर नीति को अधिक तार्किक, सुलभ एवं पाठक-अनुकूल प्रारूप में प्रस्तुत करना है।
आयकर विभाग ने कहा कि बदलाव अवधि के दौरान उसका ई-फाइलिंग मंच पुराने और नए दोनों आयकर कानूनों के तहत अनुपालन की सुविधा देगा। साथ ही, पिछले वर्षों से संबंधित सभी आकलन, अपील एवं अन्य कार्यवाही अंतिम निपटान तक पुराने कानून के तहत ही जारी रहेंगी।
आकलन वर्ष 2026-27 (जो पुराने कानून की अवधि से संबंधित है) के लिए जुलाई 2026 में रिटर्न दाखिल करने वाले करदाता पुराने कानून के तहत निर्धारित प्रपत्रों का ही उपयोग करेंगे।
कर वर्ष 2026-27 के लिए अग्रिम कर भुगतान जो जून 2026 से शुरू होगा..उसे नए कानून के अनुसार किया जाएगा।
आयकर अधिनियम, 2025 में आकलन वर्ष और पूर्व वर्ष के अंतर को समाप्त कर एकल ‘कर वर्ष’ व्यवस्था लागू की गई है। साथ ही, समय सीमा के बाद आयकर रिटर्न दाखिल होने पर भी टीडीएस (स्रोत पर कर कटौती) की वापसी बिना किसी दंड शुल्क के लेने की अनुमति दी गई है।
एक अप्रैल से लागू होने वाला एक अन्य बड़ा बदलाव वायदा एवं विकल्प (एफएंडओ) सौदों पर एसटीटी में वृद्धि है।