NEET Paper Leak is a Matter of National Security: M. Veerappa Moily
बेंगलुरु (कर्नाटक)
कर्नाटक के पूर्व मुख्यमंत्री और केंद्रीय मंत्री एम. वीरप्पा मोइली ने पूरे देश में NEET-UG 2026 परीक्षा के पेपर लीक होने के कथित मामले की कड़ी निंदा की है। उन्होंने इसे "राष्ट्रीय सुरक्षा का मामला" बताते हुए केंद्र सरकार से जवाबदेही की मांग की है। सोमवार को जारी एक प्रेस नोट में मोइली ने कहा कि NEET पेपर लीक की खबर सुनकर उन्हें "गहरा सदमा" लगा है। उन्होंने कहा कि नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA), जो NEET परीक्षा आयोजित करती है, "परीक्षा प्रक्रिया की निष्पक्षता और सुरक्षा सुनिश्चित करने में पूरी तरह विफल रही है।"
मोइली ने कहा, "ऐसा दूसरी बार हुआ है और इसने लाखों छात्रों के भविष्य को खतरे में डाल दिया है।" हालांकि उन्होंने यह स्वीकार किया कि जांच के लिए यह मामला CBI को सौंप दिया गया है, लेकिन पूर्व केंद्रीय मंत्री ने कहा कि इसकी जांच NIA द्वारा की जानी चाहिए। उन्होंने कहा, "यह राष्ट्रीय सुरक्षा का मामला है, और इस तरह के पेपर लीक में शामिल लोगों के साथ पूरी गंभीरता से निपटा जाना चाहिए।"
मोइली ने आगे कहा कि केवल NTA के अधिकारियों को दंडित करना ही काफी नहीं है। प्रेस नोट में कहा गया है, "HRD मंत्री और संबंधित अधिकारियों के लिए यह ज़रूरी है कि वे अपनी ज़िम्मेदारी स्वीकार करें और तत्काल इस्तीफ़ा दें, क्योंकि ऐसा दूसरी बार हुआ है। हमें नहीं पता कि क्या इस तरह के पेपर लीक नियमित अंतराल पर हो रहे हैं।" उन्होंने भारत सरकार से आग्रह किया कि वह इस मामले की गहन जांच का आदेश दे और यह सुनिश्चित करे कि परीक्षा आयोजित करने के लिए ज़िम्मेदार लोगों के खिलाफ "कड़ी कार्रवाई की जाए और उन्हें पूरी तरह से दंडित किया जाए।"
कई राज्यों में पेपर लीक की खबरों के बाद NEET UG 2026 परीक्षा विवादों में घिर गई है, जिसके चलते दोबारा परीक्षा कराने और CBI जांच की मांग ज़ोर पकड़ रही है। यह विवाद तब शुरू हुआ जब केंद्र सरकार ने NEET-UG 2026 परीक्षा को रद्द करने का फ़ैसला किया। यह परीक्षा मूल रूप से 3 मई को आयोजित की गई थी, लेकिन पेपर लीक और अनियमितताओं के आरोपों के बाद इसे रद्द कर दिया गया। सरकार ने अब इन आरोपों की विस्तृत जांच के लिए यह मामला केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) को सौंप दिया है।
इस बीच, नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) ने कहा कि यह फ़ैसला केंद्रीय एजेंसियों के साथ समन्वय में मिली जानकारियों की समीक्षा करने के बाद लिया गया। एजेंसी ने बताया कि कानून प्रवर्तन एजेंसियों द्वारा साझा किए गए निष्कर्षों से परीक्षा प्रक्रिया की निष्पक्षता को लेकर गंभीर चिंताएं सामने आई थीं। एजेंसी ने यह भी स्पष्ट किया कि मई 2026 के चक्र के लिए उम्मीदवारों द्वारा दर्ज किया गया पंजीकरण डेटा, उम्मीदवारी का विवरण और चुने गए परीक्षा केंद्र, दोबारा होने वाली परीक्षा के लिए भी मान्य रहेंगे। इसके लिए किसी नए पंजीकरण की आवश्यकता नहीं होगी और न ही कोई अतिरिक्त शुल्क लिया जाएगा।