NASA–ISRO के निसार मिशन की बड़ी कामयाबी, बादलों को भेदकर मिसिसिपी डेल्टा की हाई-रिज़ॉल्यूशन मैपिंग

Story by  आवाज़ द वॉयस | Published by  [email protected] | Date 30-01-2026
NASA-ISRO's NISAR mission achieves a major success, performing high-resolution mapping of the Mississippi Delta by penetrating through clouds.
NASA-ISRO's NISAR mission achieves a major success, performing high-resolution mapping of the Mississippi Delta by penetrating through clouds.

 

वॉशिंगटन डीसी

अंतरिक्ष विज्ञान के क्षेत्र में भारत और अमेरिका की साझा उपलब्धि NASA–ISRO सिंथेटिक अपर्चर रडार (NISAR) मिशन ने एक बार फिर अपनी असाधारण क्षमताओं का प्रदर्शन किया है। निसार मिशन से जारी एक नई और रंगीन सैटेलाइट तस्वीर ने यह साबित कर दिया है कि यह अत्याधुनिक रडार तकनीक घने बादलों को भेदकर भी धरती की सतह की बेहद सटीक और विस्तृत तस्वीरें लेने में सक्षम है।

हाल ही में जारी की गई यह तस्वीर अमेरिका के दक्षिण-पूर्वी लुइज़ियाना स्थित मिसिसिपी नदी डेल्टा क्षेत्र पर केंद्रित है। इस इमेज में न्यू ऑरलियन्स और बैटन रूज जैसे प्रमुख शहर, मिसिसिपी नदी, लेक पोंटचार्ट्रेन, साथ ही आर्द्रभूमि, खेत, जंगल और रिहायशी इलाकों का विस्तृत स्वरूप साफ़ दिखाई देता है। खास बात यह है कि जिस दिन यह रडार इमेज ली गई, उसी दिन ली गई ऑप्टिकल तस्वीरें बादलों के कारण अस्पष्ट थीं, जबकि निसार की रडार इमेज ने ज़मीन की हर बारीकी को उजागर कर दिया।

यह तस्वीर 29 नवंबर को निसार के एल-बैंड सिंथेटिक अपर्चर रडार से ली गई थी। इस रडार में लगभग 24 सेंटीमीटर तरंगदैर्ध्य वाली माइक्रोवेव का उपयोग किया जाता है, जो बादलों के आर-पार जाकर धरती की सतह की जानकारी जुटाती है। इससे वनस्पति, पेड़, जल क्षेत्र और शहरी ढांचे के बीच स्पष्ट अंतर किया जा सकता है।

तस्वीर में न्यू ऑरलियन्स के कुछ हिस्से हरे रंग में दिखाई देते हैं, जबकि अन्य इलाके सड़क और इमारतों की दिशा के अनुसार गुलाबी और बैंगनी रंगों में नज़र आते हैं। इतना ही नहीं, इस हाई-रिज़ॉल्यूशन इमेज में लेक पोंटचार्ट्रेन कॉज़वे भी साफ दिखाई देता है, जो लगभग 39 किलोमीटर लंबा है और दुनिया का सबसे लंबा निरंतर जल-सेतु माना जाता है।

मिसिसिपी नदी के पश्चिम में स्थित स्वस्थ जंगल चमकीले हरे रंग में दिखते हैं, जबकि मॉरेपास स्वैम्प क्षेत्र में पीले और बैंगनी रंगों का मिश्रण दिखाई देता है, जो वहां पेड़ों की घटती संख्या का संकेत देता है। कृषि क्षेत्रों में भी फसल और खाली खेतों के बीच स्पष्ट अंतर नज़र आता है।

NASA ने बताया कि फरवरी के अंत तक निसार मिशन से जुड़े हज़ारों डेटा फाइल्स शोधकर्ताओं के लिए उपलब्ध कराई जाएंगी। ये आंकड़े आपदा प्रबंधन, बुनियादी ढांचे की निगरानी, कृषि योजना और पर्यावरण संरक्षण में बेहद उपयोगी साबित होंगे।

30 जुलाई 2025 को भारत के सतीश धवन अंतरिक्ष केंद्र से लॉन्च किया गया निसार मिशन NASA और ISRO का संयुक्त प्रयास है। यह उपग्रह हर 12 दिन में पृथ्वी की ज़मीन और बर्फीले क्षेत्रों का दो बार अवलोकन करेगा। निसार में लगा 12 मीटर चौड़ा रडार रिफ्लेक्टर अब तक NASA द्वारा अंतरिक्ष में भेजा गया सबसे बड़ा रडार एंटीना है, जो इसे पृथ्वी अवलोकन के क्षेत्र में एक ऐतिहासिक मिशन बनाता है।