मुंबई
महाराष्ट्र में 29 नगर निकायों के चुनाव के लिए आज सुबह मतदान शुरू हो गया है। सभी की नजरें खासकर मुंबई पर टिकी हैं, जहां बृहन्मुंबई महानगरपालिका (बीएमसी) के आर्थिक रूप से समृद्ध क्षेत्र पर भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के नेतृत्व वाली महायुति और ठाकरे बंधुओं के गठबंधन के बीच सघन मुकाबला देखने को मिल रहा है।
राज्य में कुल 2,869 सीटों के लिए 893 वार्डों में सुबह साढ़े सात बजे मतदान शुरू हुआ और शाम साढ़े पांच बजे तक चलेगा। इस चुनाव में कुल 15,931 उम्मीदवार भाग ले रहे हैं और लगभग 3.48 करोड़ मतदाता अपने मताधिकार का प्रयोग करेंगे।
बीएमसी में कुल 227 सीटों के लिए 1,700 उम्मीदवार मैदान में हैं। बीएमसी का वार्षिक बजट 74,000 करोड़ रुपये है, इसलिए यहां के चुनावों को राजनीतिक और आर्थिक दृष्टि से बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है। मुंबई को छोड़कर अन्य नगर निगमों में बहुसदस्यीय वार्ड प्रणाली अपनाई गई है। मतगणना 16 जनवरी को होगी।
यह बीएमसी चुनाव 2022 में शिवसेना के विभाजन के बाद पहला चुनाव है। उस वर्ष एकनाथ शिंदे ने शिवसेना के अधिकांश विधायकों के साथ अलग होकर नई पार्टी बनाई और बाद में पार्टी का नाम व चुनाव चिह्न उन्हें मिला। दूसरी ओर, अविभाजित शिवसेना ने बीएमसी पर लगातार 25 वर्ष तक शासन किया है।
चुनाव से पहले एक अहम राजनीतिक घटनाक्रम में, उद्धव और राज ठाकरे ने मराठी मतदाताओं को एकजुट करने के लिए फिर साथ आए। पुणे और पिंपरी-चिंचवड़ में राकांपा के विभिन्न गुटों ने भी गठबंधन किया है।
विपक्षी कांग्रेस ने महाराष्ट्र की राजधानी में अपनी स्थिति मजबूत करने के लिए महाविकास आघाडी (एमवीए) के सहयोगियों शिवसेना (उबाठा) और राकांपा (एसपी) का साथ छोड़कर अलग रणनीति अपनाई। कांग्रेस ने मुंबई में प्रकाश आंबेडकर की वंचित बहुजन आघाडी और राष्ट्रीय समाज पक्ष के साथ हाथ मिलाया, जबकि नागपुर में अकेले चुनाव लड़ा जा रहा है।
छह साल से अधिक समय के बाद इन 29 नगर निगमों में चुनाव हो रहे हैं, क्योंकि इनका कार्यकाल 2020 से 2023 के बीच समाप्त हो गया था। इनमें मुंबई, पुणे, नवी मुंबई, ठाणे, कोल्हापुर, वसई-विरार, कल्याण-डोंबिवली, नासिक, सोलापुर, अमरावती, भिवंडी-निजामपुर, जालना, मालेगांव, नागपुर और इचलकरंजी सहित अन्य नगर निगम शामिल हैं।
मुंबई और अन्य महानगरों में आज सुबह से ही मतदान केंद्रों पर भारी भीड़ देखी गई, और सभी राजनीतिक दल मतगणना और नतीजों की ओर ध्यान बनाए हुए हैं। इस चुनाव का राज्य की राजनीति पर बड़ा असर पड़ने की उम्मीद है।