करूर भगदड़: नौकरी मामले की सुनवाई 27 जुलाई तक टली

Story by  आवाज़ द वॉयस | Published by  onikamaheshwari | Date 21-07-2026
Madras HC adjourns petitions challenging govt on providing jobs to Karur Stampede victims' families to July 27
Madras HC adjourns petitions challenging govt on providing jobs to Karur Stampede victims' families to July 27

 

चेन्नई (तमिलनाडु) 
 
मद्रास हाई कोर्ट की मदुरै बेंच ने करूर भगदड़ में मारे गए लोगों के परिवारों को सरकारी नौकरी देने के सरकार के फैसले को चुनौती देने वाली याचिकाओं पर सुनवाई 27 जुलाई तक टाल दी है। राज्य सरकार द्वारा अपना जवाब (काउंटर एफिडेविट) दाखिल करने के लिए और समय मांगने के बाद कोर्ट ने सुनवाई टाल दी। इस मामले में पहले से लागू अंतरिम आदेश को भी आगे बढ़ा दिया गया है।
 
यह मामला जस्टिस सी.वी. कार्तिकेयन और जस्टिस शक्तिवेल की डिवीजन बेंच के सामने सुनवाई के लिए आया था। करूर भगदड़ की घटना 27 सितंबर, 2025 को 'तमिलगा वेट्री कझगम' (TVK) के प्रमुख और अभिनेता विजय की एक रैली के दौरान हुई थी, जिसमें 41 लोगों की मौत हो गई थी और कई अन्य घायल हो गए थे। अक्टूबर 2025 में, सुप्रीम कोर्ट ने एक स्वतंत्र और निष्पक्ष जांच की ज़रूरत पर ज़ोर देते हुए इस मामले की जांच राज्य-स्तरीय स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीम (SIT) से सेंट्रल ब्यूरो ऑफ़ इन्वेस्टिगेशन (CBI) को सौंप दी थी।
 
जस्टिस जे.के. माहेश्वरी और जस्टिस एन.वी. अंजारिया की बेंच ने CBI जांच की निगरानी करने और इस त्रासदी की निष्पक्ष जांच सुनिश्चित करने के लिए सुप्रीम कोर्ट के पूर्व जज जस्टिस अजय रस्तोगी की अध्यक्षता में तीन सदस्यीय समिति का भी गठन किया था। जांच में रैली के कई पहलुओं की पड़ताल की जा रही है, जिसमें भीड़-प्रबंधन की व्यवस्था, विजय के आने का समय और पार्टी आयोजकों व स्थानीय अधिकारियों के बीच तालमेल शामिल है। 10 जुलाई को, तमिलनाडु के मुख्यमंत्री और 'तमिलगा वेट्री कझगम' (TVK) के अध्यक्ष सी. जोसेफ विजय ने करूर का दौरा किया और कई सरकारी व पार्टी कार्यक्रमों में हिस्सा लिया। इन कार्यक्रमों में 2025 की करूर भगदड़ के पीड़ितों के परिवारों को सरकारी नौकरी के नियुक्ति पत्र सौंपना भी शामिल था।
 
नियुक्ति पत्र पाने वालों में विमल भी शामिल हैं, जिन्होंने इस दुखद भगदड़ में अपने डेढ़ साल के बेटे थ्रुविश को खो दिया था। कार्यक्रम से पहले ANI से बात करते हुए विमल ने कहा कि उनके परिवार को हुए कभी न भर पाने वाले नुकसान के बावजूद, वे सरकार के इस फैसले को एक सकारात्मक कदम मानते हैं। "मेरे डेढ़ साल के बेटे थ्रुविश का निधन हो गया। जब मेरे बेटे की मौत हुई, तो मैं मिस्टर विजय से मिलने चेन्नई गया था। 
 
वे अब मुख्यमंत्री हैं और यहाँ आए हैं। उन्होंने मुझे उनसे मिलने के लिए बुलाया है, इसलिए मैं उनसे मिलने जा रहा हूँ। मैंने कहे अनुसार तालुक ऑफिस में एप्लीकेशन फॉर्म जमा कर दिए हैं। मुझे नहीं पता कि यह किस तरह की नौकरी होगी; उनसे मिलने के बाद ही पता चलेगा। मेरे बेटे की मौत मेरे लिए बहुत बड़ा नुकसान है, लेकिन वे मुझे नौकरी दे रहे हैं। मैं जाकर देखूँगा कि यह कौन सा पद है। मुझे राजनीति के बारे में कुछ नहीं पता। वे कह रहे हैं कि वे मुझे नौकरी देंगे। मुझे नहीं पता कि आगे क्या होगा। मैं इसे एक अच्छी बात मानता हूँ," विमल ने ANI को बताया। मुख्यमंत्री ने 27 सितंबर, 2025 को TVK के जनसंपर्क कार्यक्रम के दौरान करूर में मची भगदड़ में जान गंवाने वाले पीड़ितों के 32 कानूनी वारिसों को अनुकंपा नियुक्ति के आदेश सौंपे।