लोकसभा में आज ओम बिरला के खिलाफ प्रस्ताव पर फैसला

Story by  PTI | Published by  [email protected] | Date 09-03-2026
Lok Sabha to decide on motion against Om Birla today
Lok Sabha to decide on motion against Om Birla today

 

नई दिल्ली।

संसद के बजट सत्र के दूसरे चरण की शुरुआत आज से हो रही है। पहले ही दिन लोकसभा में एक अहम राजनीतिक मुद्दे पर चर्चा होगी। विपक्षी दलों ने लोकसभा अध्यक्ष Om Birla को पद से हटाने के लिए प्रस्ताव का नोटिस दिया है। आज सदन तय करेगा कि इस प्रस्ताव पर आगे विचार किया जाए या नहीं।

प्रस्ताव पेश करने से पहले 50 सांसदों का समर्थन जरूरी

लोकसभा की कार्यवाही के दौरान जब पीठासीन अधिकारी इस मुद्दे को बुलाएंगे, तब नोटिस देने वाले सदस्यों को समर्थन दिखाना होगा। नियम के अनुसार कम से कम 50 सांसदों को अपनी सीट से खड़ा होकर प्रस्ताव का समर्थन करना पड़ेगा।

यदि 50 सांसद खड़े होते हैं तो प्रस्ताव को सदन में स्वीकार कर लिया जाएगा। इसके बाद इस पर चर्चा होगी और फिर मतदान कराया जाएगा।अगर 50 सांसद समर्थन में खड़े नहीं होते हैं तो प्रस्ताव आगे नहीं बढ़ पाएगा और वहीं खत्म हो जाएगा।

सत्ता और विपक्ष दोनों ने जारी किया व्हिप

इस मुद्दे की गंभीरता को देखते हुए सत्तारूढ़ Bharatiya Janata Party और मुख्य विपक्षी दल Indian National Congress ने अपने सांसदों को सदन में मौजूद रहने के लिए व्हिप जारी किया है। दोनों दल चाहते हैं कि मतदान के समय उनके सभी सदस्य उपस्थित रहें।

संख्या बल सरकार के पक्ष में

लोकसभा में सरकार के पास स्पष्ट बहुमत है। ऐसे में माना जा रहा है कि यह प्रस्ताव पारित होना मुश्किल है। राजनीतिक जानकारों का भी मानना है कि संख्या बल के कारण प्रस्ताव गिर सकता है।हालांकि विपक्ष इस मुद्दे पर चर्चा कराना चाहता है और सदन के रिकॉर्ड में अपनी आपत्ति दर्ज कराना चाहता है।

कांग्रेस के तीन सांसद मांगेंगे अनुमति

प्रस्ताव को आगे बढ़ाने के लिए कांग्रेस के तीन सांसद सदन से अनुमति मांगेंगे। इनमें Mohammad Javed, K. Suresh और Mallikarjun Ravi शामिल हैं।इन सांसदों को पहले 50 सदस्यों का समर्थन जुटाना होगा। इसके बाद ही प्रस्ताव पर चर्चा और मतदान का रास्ता खुलेगा।

चर्चा के दौरान अध्यक्ष नहीं कर सकते कार्यवाही का संचालन

संविधान के नियमों के अनुसार अध्यक्ष इस पूरे मामले के दौरान सदन में मौजूद रह सकते हैं। वे अपना पक्ष भी रख सकते हैं और मतदान में भाग भी ले सकते हैं।लेकिन जिस समय इस प्रस्ताव पर चर्चा होगी उस दौरान वे सदन की कार्यवाही की अध्यक्षता नहीं कर सकते।

संभावना है कि चर्चा के समय **Om Birla सत्तापक्ष की सीटों के बीच बैठ सकते हैं। हालांकि इस स्थिति को लेकर नियमों में स्पष्ट व्यवस्था नहीं बताई गई है।