जन्मदिन नहीं मनाएंगे खरगे, कहा: आज जश्न मनाने का नहीं, जवाबदेही मांगने का दिन

Story by  PTI | Published by  [email protected] | Date 21-07-2026
Kharge will not celebrate his birthday
Kharge will not celebrate his birthday

 

आवाज द वॉयस/नई दिल्ली

 
 कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने मंगलवार को कहा कि वह अपना जन्मदिन नहीं मनाएंगे क्योंकि यह जश्न मनाने का नहीं, बल्कि जवाबदेही मांगने का दिन है। उन्होंने छात्रों के प्रदर्शन पर पुलिस द्वारा लाठीचार्ज और आंसू गैस के इस्तेमाल को लेकर सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि देश के बच्चों को दमन नहीं, न्याय चाहिए।

खरगे ने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में कहा कि वह अपने जन्मदिन पर जश्न नहीं मनाएंगे। उन्होंने कहा, ‘‘आज जश्न मनाने का दिन नहीं है। यह जवाबदेही मांगने का दिन है। लोकतंत्र बहाल करो।’’
 
राज्यसभा में नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि वह कांग्रेस के नेताओं, कार्यकर्ताओं, समर्थकों, शुभचिंतकों और उन सभी नागरिकों के आभारी हैं जिन्होंने उन्हें जन्मदिन की शुभकामनाएं दी हैं।
 
खरगे के अनुसार, लोगों का स्नेह उनके लिए बहुत मायने रखता है और वह इसके लिए सभी को हृदय से धन्यवाद देते हैं।
 
कांग्रेस अध्यक्ष ने कहा कि एक दिन पहले देश ने लाठीचार्ज, आंसू गैस के गोले और सरकार द्वारा शांतिपूर्ण लोकतांत्रिक प्रदर्शन को कुचले जाते हुए देखा।
 
उन्होंने आरोप लगाया कि न्याय की मांग कर रहे छात्रों की आवाज का जवाब देने के बजाय उनके खिलाफ बल का इस्तेमाल किया गया।
 
खरगे ने सवाल किया कि न्याय की मांग कर रहे छात्रों पर लाठियों और आंसू गैस का इस्तेमाल क्यों किया गया, संसद को लगभग सील क्यों किया गया और इंटरनेट बंद क्यों किया गया? उन्होंने पूछा कि बार-बार होने वाले पेपर लीक होने और लाखों युवाओं की परेशानी की जिम्मेदारी कौन लेगा।
 
खरगे ने सरकार से इस मुद्दे पर संसद में तत्काल विस्तृत चर्चा की मांग की।
 
उन्होंने केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग दोहराते हुए कहा कि उन्हें मामले की नैतिक और राजनीतिक जिम्मेदारी लेते हुए पद छोड़ना चाहिए।
 
खरगे ने छात्र-केंद्रित परीक्षा प्रणाली लागू करने की मांग की।
 
कांग्रेस अध्यक्ष ने राजनीतिक हस्तक्षेप से मुक्त, स्वतंत्र और योग्यता आधारित शिक्षा व्यवस्था बनाने तथा शिक्षा पर अधिक खर्च किए जाने की भी मांग की।
 
उन्होंने कहा कि परीक्षा में धांधली होने पर छात्रों को अनिवार्य पुनर्परीक्षा और मुआवजे का वैधानिक अधिकार मिलना चाहिए।
 
खरगे ने इस बात पर जोर दिया, ‘‘हमारे बच्चे दमन के नहीं, न्याय के हकदार हैं।’’