आवाज द वॉयस/नई दिल्ली
केरल उच्च न्यायालय ने मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (माकपा) के नेता और केरलम के पूर्व मुख्यमंत्री पिनराई विजयन को बड़ा झटका देते हुए कोचीन मिनरल्स एंड रूटाइल लिमिटेड (सीएमआरएल) से जुड़े कथित रिश्वत मामले में सतर्कता एवं भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (वीएसीबी) को उनके एवं अन्य के खिलाफ भ्रष्टाचार रोधी कानून के तहत प्राथमिकी दर्ज करने का शुक्रवार को निर्देश दिया।
अदालत ने कहा कि प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) की ओर से दी गई जानकारी से भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत अपराध किए जाने का पता चलता है।
न्यायमूर्ति ए. बदरुद्दीन ने कहा कि ईडी की ओर से उपलब्ध कराई गई जानकारी में पर्याप्त प्रारंभिक साक्ष्य हैं, जिनसे विजयन, उनकी बेटी वीणा टी. और वीणा के पति एवं माकपा विधायक पी. ए. मोहम्मद रियास द्वारा भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत संज्ञेय अपराध किए जाने का प्रथम दृष्टया पता चलता है।
अदालत ने कहा, ‘‘जब दर्ज किए गए बयानों और प्राप्त दस्तावेजों सहित उपलब्ध जानकारी से उसमें उल्लिखित व्यक्तियों द्वारा भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत अपराध किए जाने का पता चलता है, तो मामले में आगे प्रारंभिक जांच करना पूरी तरह अनावश्यक है।’’
अदालत ने यह भी कहा कि ईडी की रिपोर्ट में सीधे प्राथमिकी दर्ज करने और मामले की जांच करने के लिए पर्याप्त सामग्री मौजूद है।