कर्नाटक उपचुनाव: सिद्धरमैया ने निर्वाचन आयोग पर ‘भेदभाव’ का आरोप लगाया

Story by  PTI | Published by  [email protected] | Date 08-04-2026
Karnataka Bypolls: Siddaramaiah Accuses Election Commission of 'Discrimination'
Karnataka Bypolls: Siddaramaiah Accuses Election Commission of 'Discrimination'

 

आवाज द वॉयस/नई दिल्ली

 
कर्नाटक के मुख्यमंत्री सिद्धरमैया ने निर्वाचन आयोग द्वारा दावणगेरे और बागलकोट जिलों में राज्य की गारंटी योजनाओं के बारे में विवरण मांगे जाने को लेकर उसपर ‘दोहरे मापदंड’ और ‘पक्षपात’ का आरोप लगाया है।

दावणगेरे और बागलकोट विधानसभा क्षेत्रों में बृहस्पतिवार को उपचुनाव हैं।
 
सिद्धरमैया ने बुधवार को ‘एक्स’ पर पोस्ट किया कि निर्वाचन आयोग ने कर्नाटक सरकार से इन दोनों निर्वाचन क्षेत्रों में चल रही पांच गारंटी योजनाओं के तहत जारी की गई धनराशि के बारे में जानकारी मांगी है।
 
बागलकोट और दावणगेरे दक्षिण विधानसभा क्षेत्रों में कल उपचुनाव हैं। ये उपचुनाव क्रमशः वरिष्ठ कांग्रेस विधायक एच वाई मेती और शमनूर शिवशंकरप्पा के निधन के कारण कराये जा रहे हैं।
 
राज्य में गृह ज्योति योजना के तहत प्रत्येक घर को 200 यूनिट मुफ्त बिजली दी जाती है। गृह लक्ष्मी के तहत परिवार की मुखिया महिलाओं को 2,000 रुपये दिए जाते हैं। अन्न भाग्य योजना के तहत गरीबी रेखा से नीचे के (बीपीएल) परिवारों के प्रत्येक सदस्य को प्रति माह 10 किलो चावल उपलब्ध कराया जाता है।
 
युवा निधि योजना के अंतर्गत बेरोजगार स्नातकों को 3,000 रुपये और 18-25 वर्ष की आयु के बेरोजगार डिप्लोमा धारकों को दो साल के लिए 1,500 रुपये दिए जाते हैं, जबकि शक्ति योजना के तहत महिलाएं कर्नाटक के भीतर सरकारी गैर-लक्जरी बसों में मुफ्त यात्रा कर सकती हैं।
 
मुख्यमंत्री ने कहा,‘‘महाराष्ट्र और बिहार जैसे राज्यों में चुनाव से ठीक पहले नकद अंतरण योजनाओं की घोषणा की गई या उन्हें तेजी से लागू किया गया, जिससे मतदाताओं को सीधा लाभ हुआ। फिर भी निर्वाचन आयोग चुप रहा। यह तटस्थता नहीं, बल्कि मिलीभगत है।’’
 
मुख्यमंत्री ने भाजपा और राजग सरकारों पर ‘दोहरे मापदंड’ का आरोप लगाते हुए कहा कि जब वे ऐसा कुछ करती हैं, तो निर्वाचन आयोग ‘नजरअंदाज़ कर देता है’, लेकिन जब कर्नाटक अपने वादे पूरे करता है, तो उसे ‘कड़ी जांच’ का सामना करना पड़ता है।
 
सिद्धरमैया ने स्पष्ट किया कि ये योजनाएं उपचुनाव को लेकर शुरू नहीं की गई थीं, बल्कि ये कांग्रेस सरकार की 2023 के विधानसभा चुनाव से संबंधित वादों को पूरा से जुड़े कार्यक्रम हैं।’