Jammu and Kashmir government appoints nodal officer for safety of students in Iran
आवाज द वॉयस/नई दिल्ली
जम्मू कश्मीर सरकार ने ईरान में तनाव के बीच वहां केंद्र शासित प्रदेश के फंसे निवासियों और छात्रों की सुरक्षा एवं उन्हें वापस लाने की व्यवस्था करने के मकसद से बृहस्पतिवार को एक नोडल अधिकारी नियुक्त किया।
यह नोडल अधिकारी केंद्र सरकार और राजनियक प्राधिकारियों के साथ समन्वय स्थापित करेगा।
इस बीच एक संबंधित घटनाक्रम में, जम्मू कश्मीर छात्र संघ (जेकेएसए) ने दावा किया कि छात्रों के पहले जत्थे के शुक्रवार को भारत लौटने की संभावना है।
सामान्य प्रशासन विभाग द्वारा जारी एक सरकारी आदेश के अनुसार, अतिरिक्त स्थानीय आयुक्त अनिल शर्मा को ईरान में रह रहे या अध्ययन कर रहे जम्मू कश्मीर के निवासियों तथा छात्रों के संबंध में समन्वय और संपर्क अधिकारी नामित किया गया है।
इस अधिकारी को विदेश मंत्रालय, भारत सरकार, संबंधित भारतीय दूतावास एवं वाणिज्य दूतावास के अधिकारियों और अन्य एजेंसियों के साथ समन्वय का कार्य सौंपा गया है ताकि केंद्र शासित प्रदेश के छात्रों की सुरक्षा, कल्याण, यात्रा सुविधा और संबंधित सूचनाओं के आदान-प्रदान, समन्वय आदि को सुगम बनाया जा सके।
यह नियुक्ति ऐसे समय में हुई है जब ईरान में व्यापक विरोध प्रदर्शनों और तनाव के बीच सुरक्षा व्यवस्था तेजी से बिगड़ रही है, जिससे भारतीय छात्रों के परिवारों, विशेष रूप से कश्मीर के छात्रों के परिवारों में चिंताएं बढ़ गई हैं।
मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने बृहस्पतिवार को कहा कि उन्होंने ईरान की स्थिति के संबंध में विदेश मंत्री एस. जयशंकर से बात की।
भारत ने पहले ही ईरान में रहने वाले अपने नागरिकों को उपलब्ध साधनों से देश छोड़ने और वहां की यात्रा से बचने की सलाह दी है।
इस बीच, जेकेएसए ने कहा कि ईरान ने अस्थायी बंदी के बाद नागरिक यातायात के लिए अपना हवाई क्षेत्र खोल दिया है, जिससे छात्रों और उनके परिवारों को कुछ राहत मिली है।
उसने दावा किया कि छात्रों और निवासियों को तेहरान से दिल्ली लाने के लिए पहली उड़ान शुक्रवार को रवाना होगी।