अर्सला खान/नई दिल्ली
बॉलीवुड अभिनेता सिद्धार्थ मल्होत्रा आज यानी 16 जनवरी को अपना जन्मदिन मना रहे हैं। शानदार पर्सनालिटी, दमदार अभिनय और शांत स्वभाव के लिए पहचाने जाने वाले सिद्धार्थ ने फिल्म इंडस्ट्री में अपनी एक अलग जगह बनाई है। लेकिन चमक-दमक भरी इस दुनिया के पीछे उनकी जिंदगी से जुड़ी कई ऐसी बातें हैं, जिनके बारे में कम ही लोग जानते हैं।
दिल्ली से मुंबई तक का सफर
सिद्धार्थ मल्होत्रा का जन्म 16 जनवरी 1985 को दिल्ली में हुआ था। वह एक साधारण मध्यमवर्गीय परिवार से आते हैं। बहुत कम लोग जानते हैं कि अभिनय की दुनिया में आने से पहले सिद्धार्थ ने मर्चेंट नेवी में जाने का सपना देखा था। हालांकि किस्मत उन्हें फैशन और फिर फिल्मों की ओर ले आई।
एक्टर नहीं, पहले बने मॉडल
सिद्धार्थ ने करियर की शुरुआत फिल्मों से नहीं, बल्कि मॉडलिंग से की थी। उन्होंने 18 साल की उम्र में मॉडलिंग शुरू की और कुछ ही समय में इंटरनेशनल लेवल पर पहचान बना ली। लेकिन ग्लैमर की इस दुनिया से वह पूरी तरह संतुष्ट नहीं थे। यही वजह थी कि उन्होंने मॉडलिंग छोड़कर अभिनय सीखने का फैसला किया।
करण जौहर के साथ असिस्टेंट डायरेक्टर
बहुत कम लोगों को पता है कि सिद्धार्थ मल्होत्रा ने ‘स्टूडेंट ऑफ द ईयर’ से पहले करण जौहर की फिल्म ‘माय नेम इज़ खान’ में असिस्टेंट डायरेक्टर के तौर पर काम किया था। सेट पर काम करते हुए उन्होंने कैमरे के पीछे की बारीकियां सीखीं, जिसने आगे चलकर उनके अभिनय को और मजबूत बनाया।
इस फिल्म से किया था डेब्यू
साल 2012 में फिल्म ‘स्टूडेंट ऑफ द ईयर’ से सिद्धार्थ ने बॉलीवुड में बतौर लीड एक्टर कदम रखा। इस फिल्म ने उन्हें रातों-रात स्टार बना दिया। लेकिन खुद सिद्धार्थ ने कई इंटरव्यू में माना है कि डेब्यू के वक्त उन्हें जबरदस्त डर लगता था और वह खुद को पूरी तरह तैयार नहीं मानते थे।
फौज के लिए खास सम्मान
सिद्धार्थ मल्होत्रा को भारतीय सेना से खास लगाव है। फिल्म ‘शेरशाह’ में कैप्टन विक्रम बत्रा का किरदार निभाने के बाद उनका यह जुड़ाव और गहरा हो गया। बहुत कम लोग जानते हैं कि इस फिल्म के लिए उन्होंने सेना के जवानों से लंबी बातचीत की और उनके रहन-सहन को करीब से समझा।
पर्सनल लाइफ को रखते हैं निजी
ग्लैमर इंडस्ट्री का हिस्सा होने के बावजूद सिद्धार्थ अपनी निजी जिंदगी को हमेशा लाइमलाइट से दूर रखते हैं। वह सोशल मीडिया पर भी सीमित और सोच-समझकर पोस्ट करते हैं। उनका मानना है कि काम बोले, न कि निजी रिश्ते।
स्टार बनने के बाद भी सिद्धार्थ खुद को जमीन से जुड़ा इंसान मानते हैं। वह अक्सर कहते हैं कि दिल्ली की परवरिश ने उन्हें अनुशासन और सादगी सिखाई है, जो आज भी उनके स्वभाव में झलकती है। अपने जन्मदिन पर सिद्धार्थ मल्होत्रा को फैंस और फिल्म इंडस्ट्री से ढेरों शुभकामनाएं मिल रही हैं। उनकी कहानी यह साबित करती है कि मेहनत, धैर्य और सही फैसले इंसान को किसी भी मुकाम तक पहुंचा सकते हैं।