Jain community should work unitedly for the welfare of society: Deputy Chief Minister Sanghvi urges
आवाज द वॉयस/नई दिल्ली
गुजरात के उपमुख्यमंत्री हर्ष सांघवी ने रविवार को जैन समुदाय से सांप्रदायिक मतभेदों और व्यक्तिगत अहम् से ऊपर उठकर समाज के कल्याण के लिए बड़े संस्थान बनाने हेतु मिलकर काम करने का आह्वान किया।
सांघवी जैन अंतरराष्ट्रीय व्यापार संगठन (जेआईटीओ) के एक समारोह को संबोधित कर रहे थे।
सांघवी ने सवाल उठाया कि व्यक्तिगत अहम् को संतुष्ट करने के लिए छोटे स्तर पर अलग-अलग 'उपाश्रय' (जैन धार्मिक केंद्र जहां संत ठहरते हैं) और धर्मशालाएं बनाने के बजाय, क्या संसाधनों को मिलाकर बड़ी सुविधाएं नहीं बनाई जा सकतीं, जो अधिक लोगों की सेवा कर सकें।
साझा दृष्टिकोण और सामूहिक प्रयासों की आवश्यकता पर जोर देते हुए उन्होंने पूछा, "चार अलग-अलग सुविधाएं बनाने के बजाय, क्या हम एक बड़ी सुविधा नहीं बना सकते जो व्यापक स्तर पर समाज की सेवा कर सके?"
सांघवी ने कहा कि लोगों को एक-दूसरे के कारोबार को बढ़ाने, सामाजिक गतिविधियों में एक-दूसरे का समर्थन करने तथा धार्मिक और सामुदायिक मुद्दों पर मिलकर काम करने के रास्ते तलाशने चाहिए।
उन्होंने शिक्षा, प्रतियोगी परीक्षा की तैयारी, आध्यात्मिक गुरुओं की सेवा और अन्य सामाजिक पहलों में 'जेआईटीओ' के योगदान की सराहना की।