ईरान के सर्वोच्च नेता ने परमाणु, मिसाइल क्षमताओं की रक्षा का संकल्प जताया

Story by  PTI | Published by  [email protected] | Date 01-05-2026
Iran's supreme leader vows to protect nuclear, missile capabilities
Iran's supreme leader vows to protect nuclear, missile capabilities

 

आवाज द वॉयस/नई दिल्ली 

 
ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला मुजतबा खामेनेई ने इस्लामी गणराज्य की परमाणु एवं मिसाइल क्षमताओं की रक्षा करने का संकल्प व्यक्त किया है।
 
ईरान के एक सरकारी टेलीविजन चैनल के एक प्रस्तोता द्वारा बृहस्पतिवार को पढ़े गए एक बयान में अयातुल्ला मुजतबा खामेनेई ने कहा कि फारस की खाड़ी में अमेरिकियों की जगह केवल ‘‘इसके पानी की तह में’’ है और क्षेत्र के इतिहास में ‘‘नया अध्याय’’ लिखा जा रहा है।
 
मुजतबा खामेनेई अपने पिता की युद्ध के शुरुआती हवाई हमलों में मौत के बाद ईरान के सर्वोच्च नेता बने लेकिन तब से वह सार्वजनिक रूप से दिखाई नहीं दिए हैं।
 
खामेनेई ने ऐसे समय में यह टिप्पणी की है जब अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ईरान की परमाणु एवं मिसाइल क्षमताओं को हवाई हमलों और व्यापक समझौते के तहत सीमित करने का प्रयास कर रहे हैं।
 
पश्चिम एशिया में युद्ध के कारण ईरान की अर्थव्यवस्था दबाव में है और अमेरिकी नौसेना की नाकेबंदी के कारण उसके तेल टैंकर समुद्र में नहीं जा पा रहे हैं। ईरान द्वारा होर्मुज़ जलडमरूमध्य पर नियंत्रण बनाए रखने से वैश्विक अर्थव्यवस्था पर भी असर पड़ रहा है, जहां से दुनिया के कुल कच्चे तेल का लगभग पांचवां हिस्सा गुजरता है।
 
बृहस्पतिवार को वैश्विक मानक ब्रेंट कच्चे तेल की कीमत 126 अमेरिकी डॉलर प्रति बैरल तक पहुंच गई।
 
तेल आपूर्ति और कीमतों में आए इस झटके से ट्रंप पर दबाव बढ़ रहा है, जो अपने खाड़ी सहयोगियों के तेल और गैस निर्यात के लिए महत्वपूर्ण मार्ग को फिर से खोलने की नयी योजना पर विचार कर रहे हैं।
 
एक वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी ने नाम जाहिर न करने की शर्त पर कहा कि इस योजना के तहत अमेरिका ईरानी बंदरगाहों की नाकेबंदी जारी रखेगा और सहयोगियों के साथ मिलकर ऊर्जा के मुक्त प्रवाह को बाधित करने के ईरान के प्रयासों पर अधिक लागत थोपेगा।
 
मंगलवार को भेजे गए एक संदेश में अमेरिकी विदेश मंत्रालय ने दुनिया भर में अपने राजनयिकों (बेलारूस, चीन, क्यूबा और रूस को छोड़कर) को निर्देश दिया कि वे मेजबान देशों से “समुद्री स्वतंत्रता ढांचे” के निर्माण के लिए समर्थन मांगें ताकि जलडमरूमध्य से जहाजों की निर्बाध आवाजाही सुनिश्चित की जा सके।