India Post expands services, modernises operations with new product logos, marketing push
नई दिल्ली
इंडिया पोस्ट एक रिफ्रेश्ड लोगो और डायनामिक मार्केटिंग स्ट्रेटेजी के साथ बदलाव के एक नए फेज़ में जा रहा है। यह इनिशिएटिव मॉडर्नाइज़ेशन, बेहतर ब्रांड आइडेंटिटी, बेहतर कस्टमर एंगेजमेंट और लॉजिस्टिक्स, फाइनेंशियल और सिटिज़न-सेंट्रिक सर्विस वर्टिकल्स में विस्तार के लिए ऑर्गनाइज़ेशन के कमिटमेंट को दिखाता है।
कम्युनिकेशंस मिनिस्ट्री के मुताबिक, इंडिया पोस्ट अपनी ऑपरेशनल कैपेबिलिटी को लगातार मजबूत कर रहा है और कई वर्टिकल में सर्विस डिलीवरी को बढ़ा रहा है, जो लगातार ग्रोथ, मॉडर्नाइजेशन और कस्टमर पर बेहतर फोकस को दिखाता है।
ऑर्गनाइजेशन ने अपने सभी बिजनेस सेगमेंट में ऑपरेशनल एफिशिएंसी, सर्विस मॉडर्नाइजेशन और बेहतर कस्टमर एक्सपीरियंस को प्रायोरिटी दी है।
पिछले फाइनेंशियल ईयर में, इंडिया पोस्ट ने लगभग 10,211 करोड़ रुपये का रेवेन्यू जेनरेट किया, जिससे कुल मिलाकर लगभग 8 परसेंट की ग्रोथ हुई। मेल का सबसे बड़ा हिस्सा (लगभग 44 परसेंट) था, उसके बाद पार्सल (लगभग 40 परसेंट) का नंबर था, जबकि बाकी हिस्सा सेविंग्स और फाइनेंशियल सर्विसेज का था।
अफोर्डेबल सॉल्यूशंस, लॉजिस्टिक्स नेटवर्क के विस्तार और टेक्नोलॉजी-इनेबल्ड ट्रैकिंग सिस्टम के जरिए पार्सल सर्विसेज को मजबूत किया जा रहा है, जिससे हैंडलिंग एफिशिएंसी में सुधार और डिलीवरी टाइमलाइन तेज हो रही है।
मेल सर्विसेज स्पीड पोस्ट और रजिस्टर्ड मेल पर फोकस करना जारी रखे हुए हैं, जिसे ऑटोमेशन, बेहतर ट्रैकिंग और ड्रोन-बेस्ड डिलीवरी ट्रायल्स का सपोर्ट मिला है। इंडिया पोस्ट डिजिटल और लॉजिस्टिक्स सॉल्यूशंस को इंटीग्रेट करके ट्रेडिशनल मेल वॉल्यूम में कमी को भी अडैप्ट कर रहा है। इंडिया पोस्ट, क्रॉस-बॉर्डर मेल और पार्सल सर्विस को आसान बनाकर और MSME एक्सपोर्ट को सपोर्ट करके इंटरनेशनल लॉजिस्टिक्स में अहम भूमिका निभाता है। कस्टम क्लियरेंस में तेज़ी लाने और ग्लोबल डिलीवरी एफिशिएंसी बढ़ाने की कोशिशें चल रही हैं।
सिटिजन-सेंट्रिक सर्विसेज़ के तहत, इंडिया पोस्ट आधार अपडेट, पासपोर्ट सर्विस, बिल पेमेंट, इंश्योरेंस और फाइनेंशियल इनक्लूजन सपोर्ट जैसी ज़रूरी सर्विस देता है, जिससे खास तौर पर ग्रामीण समुदायों को फायदा हो रहा है।
पोस्टल लाइफ इंश्योरेंस एक भरोसेमंद और सस्ता इंश्योरेंस ऑप्शन बना हुआ है, जबकि डिजिटाइजेशन और तेज़ी से क्लेम सेटलमेंट से कस्टमर की सुविधा बेहतर हो रही है। इंडिया पोस्ट पेमेंट्स बैंक डिजिटल और डोरस्टेप बैंकिंग, आधार-इनेबल्ड पेमेंट, मनी ट्रांसफर और डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर डिस्ट्रीब्यूशन के ज़रिए फाइनेंशियल इनक्लूजन को आगे बढ़ा रहा है, जिससे दूर-दराज और कम सर्विस वाले इलाकों में बैंकिंग एक्सेस पक्का हो रहा है।
ऑपरेशनल रिफॉर्म, प्रोसेस री-इंजीनियरिंग और कॉस्ट ऑप्टिमाइजेशन की कोशिशों से एफिशिएंसी बढ़ रही है, जबकि ऑटोमेटेड सॉर्टिंग सिस्टम, डिजिटल इंटरफेस और बेहतर शिकायत हैंडलिंग मैकेनिज्म जैसे टेक्नोलॉजी अपग्रेड से सर्विस स्पीड, ट्रांसपेरेंसी और कस्टमर सैटिस्फैक्शन में सुधार हो रहा है। नए गारंटीड स्पीड पोस्ट प्रोडक्ट के लिए एक डेडिकेटेड लोगो भी फाइनल कर दिया गया है, जो स्पीड, रिलायबिलिटी और 24-घंटे और 48-घंटे की डिलीवरी टाइमलाइन के कमिटमेंट को दिखाता है।