India, ASEAN push to expedite pending chapters in trade pact review, next meeting in January
नई दिल्ली
भारत और आसियान (ASEAN) ने 'आसियान-भारत वस्तु व्यापार समझौते' (AITIGA) की समीक्षा के तहत रुके हुए चैप्टर्स पर काम तेज़ी से करने और बातचीत में तेज़ी लाने व व्यापार समझौते को आधुनिक बनाने के लिए समय-सीमा तय करने पर सहमति जताई है।
वाणिज्य और उद्योग मंत्रालय द्वारा शुक्रवार को जारी एक बयान के अनुसार, यह फ़ैसला जकार्ता, इंडोनेशिया में 6 से 9 अक्टूबर तक आयोजित AITIGA संयुक्त समिति की 15वीं बैठक में लिया गया। संयुक्त समिति ने सभी उप-समितियों को रुके हुए चैप्टर्स पर काम में तेज़ी लाने और ठोस प्रगति हासिल करने के लिए बेहतर तालमेल सुनिश्चित करने का निर्देश दिया, क्योंकि दोनों पक्ष नीतिगत मुद्दों को सुलझाने और आर्थिक एकीकरण को मज़बूत करने की कोशिश कर रहे हैं।
मंत्रालय ने कहा कि भारत और आसियान ने एक संतुलित, रचनात्मक और भविष्योन्मुखी समझौते के प्रति अपनी प्रतिबद्धता दोहराई, जो द्विपक्षीय व्यापार को मज़बूत करेगा और आपसी फ़ायदे वाला ढांचा तैयार करेगा। AITIGA संयुक्त समिति की अगली बैठक जनवरी 2027 में भारत में हाइब्रिड मोड में होगी, जिसमें उप-समितियों द्वारा की गई प्रगति की समीक्षा की जाएगी और बातचीत को समय पर पूरा करने के लिए आगे का मार्गदर्शन दिया जाएगा। इस बैठक की सह-अध्यक्षता वाणिज्य विभाग के अतिरिक्त सचिव नितिन कुमार यादव और मलेशिया के निवेश, व्यापार और उद्योग मंत्रालय में उप-महासचिव (व्यापार) मस्तुरा अहमद मुस्तफा ने की।
बैठक में ब्रुनेई, कंबोडिया, इंडोनेशिया, लाओस, मलेशिया, म्यांमार, फिलीपींस, सिंगापुर, थाईलैंड और वियतनाम सहित आसियान सदस्य देशों के प्रतिनिधिमंडलों ने भाग लिया; यह बैठक हाइब्रिड प्रारूप में आयोजित की गई थी। AITIGA संयुक्त समिति के तहत आठ उप-समितियों में से तीन ने मुख्य सत्र के साथ-साथ बैठकें भी कीं। इनमें कानूनी और संस्थागत मुद्दों पर उप-समिति, बाज़ार तक पहुँच पर राष्ट्रीय व्यवहार (National Treatment) पर उप-समिति और उत्पत्ति के नियमों (Rules of Origin) पर उप-समिति शामिल थीं।
इन चर्चाओं ने दोनों पक्षों को सहयोग मज़बूत करने, आपसी समझ बेहतर करने और समझौते में लंबित मुद्दों पर बातचीत जारी रखने के लिए एक मंच प्रदान किया।
AITIGA समीक्षा का उद्देश्य मौजूदा व्यापार ढांचे को आधुनिक बनाना है, जिसमें चर्चाओं के नवीनतम दौर का ध्यान लंबित चैप्टर्स पर बातचीत को आगे बढ़ाने और प्रगति के लिए एक स्पष्ट समय-सीमा तय करने पर केंद्रित था। जनवरी में होने वाली बैठक में उप-समितियों की प्रगति का आकलन करने और समीक्षा को समय पर पूरा करने की दिशा में आगे की बातचीत के लिए मार्गदर्शन मिलने की उम्मीद है।