आवाज द वॉयस/नई दिल्ली
कर्नाटक के उपमुख्यमंत्री जी. परमेश्वर ने संकेत दिया कि कर्नाटक मंत्रिमंडल का बहुप्रतीक्षित विस्तार कांग्रेस आलाकमान द्वारा प्रस्तावित नामों की सूची को मंजूरी देने के बाद होगा और इसमें युवा चेहरों को प्राथमिकता दी जा सकती है।
वरिष्ठ नेता ने कहा कि पार्टी नेतृत्व के साथ चर्चा के दौरान कई पहलुओं पर विचार किया जा रहा है, जिसमें नए और युवा चेहरों को मौका देना भी शामिल है।
मंत्रिमंडल के जल्द विस्तार की अटकलों के बीच मुख्यमंत्री डी.के. शिवकुमार, पूर्व मुख्यमंत्री सिद्धरमैया और कांग्रेस की कर्नाटक इकाई के प्रमुख बी.के. हरिप्रसाद कांग्रेस आलाकमान से चर्चा के लिए दिल्ली में हैं।
परमेश्वर ने बेंगलुरु में पत्रकारों से कहा, ‘‘वे (मुख्यमंत्री, सिद्धरमैया और हरिप्रसाद) दिल्ली गए हैं; अगर आलाकमान चर्चा के बाद मंजूरी देता है, तो मंत्रिमंडल का विस्तार किया जाएगा।’’
यह पूछे जाने पर कि क्या अगले महीने की शुरुआत में होने वाले विधानसभा सत्र से पहले मंत्रिमंडल का विस्तार होगा, इस पर उन्होंने कहा कि चर्चा के बाद अगर आलाकमान इजाजत देता है, तो यह प्रक्रिया तुरंत पूरी कर ली जाएगी।
उन्होंने कहा, ‘‘अगर आलाकमान ने मंजूरी दे दी, तो राज्यपाल को सूचित किया जाएगा और उनकी उपलब्धता के आधार पर (नए मंत्रियों के शपथ ग्रहण के लिए) उनसे समय देने का अनुरोध किया जाएगा।’’
वरिष्ठ नेताओं की जगह नए चेहरों को मौका देने के संबंध में आलाकमान के विचार करने के सवाल पर उपमुख्यमंत्री ने कहा कि उन्हें पता चला है कि कुछ ‘‘मानदंडों’’ पर चर्चा हो रही है और उनमें युवाओं को अधिक प्रतिनिधित्व देना भी शामिल है। उन्होंने कहा, ‘‘वे इस पर विचार कर सकते हैं।’’
यह पूछे जाने पर कि क्या यह विस्तार 2028 के विधानसभा चुनाव को ध्यान में रखकर किया जा रहा है, इस पर उन्होंने कहा, ‘‘जिन मानदंडों पर विचार किया जा रहा है, मुझे उन मानदंडों के बारे में सीधे तौर पर जानकारी नहीं है।’’कार्रवाई हो और भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो।
रीजीजू ने कहा, ‘‘प्रधानमंत्री ने कहा कि युवाओं के भविष्य से कोई खिलवाड़ न कर सके, इसके लिए सख्त कार्रवाई की गई है। उन्होंने यह भी कहा कि भविष्य में प्रश्नपत्र लीक की घटनाएं रोकने के लिए सभी राज्य सरकारों और केंद्र सरकार को दलगत भावना से ऊपर उठकर, मिलकर काम करना होगा। यह राजनीति का नहीं, बल्कि राष्ट्रीय हित का विषय है।’’