सिक्किम में भारी बर्फबारी से 350 पर्यटक वाहन फंसे, सेना-पुलिस का रेस्क्यू ऑपरेशन जारी

Story by  एटीवी | Published by  [email protected] | Date 23-02-2026
Heavy snowfall in Sikkim leaves 350 tourist vehicles stranded; Army and police launch rescue operation
Heavy snowfall in Sikkim leaves 350 tourist vehicles stranded; Army and police launch rescue operation

 

गंगटोक

सिक्किम में भारी बर्फबारी के कारण त्सोंगू (चांगू) झील की ओर जाने वाले जवाहरलाल नेहरू रोड पर लगभग 350 पर्यटक वाहन फंस गए हैं। यह घटना रविवार सुबह करीब 11:30 बजे उस समय हुई जब शेराथांग बेल्ट में अचानक तेज हिमपात शुरू हो गया। प्रशासन के अनुसार सिप्सू और 16वें माइल के बीच, शेराथांग पुलिस चौकी क्षेत्राधिकार में सबसे अधिक वाहन प्रभावित हुए हैं।

लगातार बर्फबारी को देखते हुए सेना ने एहतियातन इस मार्ग पर वाहनों की आवाजाही अस्थायी रूप से रोक दी है। अनुमान है कि करीब 150 वाहन सिप्सू और त्सोंगू के बीच फंसे हुए हैं। ऊंचाई वाले इस इलाके में मौसम के अचानक बदलने से सड़क पर फिसलन बढ़ गई, जिससे आगे बढ़ना जोखिमपूर्ण हो गया।

स्थिति से निपटने के लिए पुलिस, सेना, जनरल रिजर्व इंजीनियर फोर्स (GREF) और स्थानीय निवासियों की संयुक्त टीम राहत एवं बचाव कार्य में जुटी है। प्राथमिकता के तौर पर पर्यटकों और चालकों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया जा रहा है। अब तक 46 पर्यटकों, जिनमें बच्चे भी शामिल हैं, को 17वें माइल स्थित सेना ट्रांजिट कैंप में अस्थायी रूप से ठहराया गया है। यहां भोजन, गर्म कपड़े और प्राथमिक चिकित्सा की व्यवस्था की गई है।

प्रशासन का कहना है कि बर्फ हटाने का काम युद्धस्तर पर जारी है। मौसम में सुधार होते ही फंसे हुए शेष वाहनों को सुरक्षित निकालकर नियंत्रित ढंग से गंगटोक की ओर रवाना किया जाएगा। अधिकारियों ने पर्यटकों से अपील की है कि वे मौसम की ताजा जानकारी लेकर ही उच्च हिमालयी मार्गों की यात्रा करें।

त्सोंगू झील सिक्किम का प्रमुख पर्यटन स्थल है और सर्दियों के मौसम में यहां बड़ी संख्या में पर्यटक पहुंचते हैं। हालांकि यह क्षेत्र भारी बर्फबारी और अचानक मौसम परिवर्तन के लिए भी जाना जाता है, जिसके कारण समय-समय पर सड़क बंद करनी पड़ती है।

स्थानीय प्रशासन ने कहा है कि फिलहाल स्थिति नियंत्रण में है और किसी के हताहत होने की सूचना नहीं है। सुरक्षा एजेंसियां लगातार निगरानी बनाए हुए हैं ताकि सभी पर्यटकों को सुरक्षित निकाला जा सके और मार्ग को जल्द से जल्द सामान्य किया जा सके।