Gandhi's 'Ram Rajya' phrase could have made Muslims uncomfortable: Historian Ramachandra Guha
आवाज द वॉयस/नई दिल्ली
इतिहासकार रामचंद्र गुहा ने स्वीकार किया कि महात्मा गांधी द्वारा ‘राम राज्य’ वाक्यांश का इस्तेमाल मुसलमानों को ‘असहज’ कर सकता था, हालांकि उन्होंने गांधी के ‘अंतरधार्मिक’ आचरण और ‘बहुलतावादी’ दृष्टिकोण का दृढ़ता से समर्थन किया।
गुहा ने बृहस्पतिवार को महात्मा गांधी पर अपनी तीसरी पुस्तक ‘आर्ग्युमेंट्स विद गांधी’ के विमोचन के अवसर पर कहा कि गांधी ने ‘राम राज्य’ का इस्तेमाल रूपक के तौर पर किया होगा, लेकिन उन्होंने यह भी स्वीकार किया कि इस वाक्यांश की ‘हिंदू व्याख्या’ की जा सकती है।
गुहा ने कहा, “उनका आचरण हमेशा अंतरधार्मिक रहा...लेकिन उनके द्वारा इस्तेमाल किया गया एक वाक्यांश, जिसकी हिंदू दृष्टिकोण से व्याख्या की जा सकती थी, वह ‘राम राज्य’ था। मेरा मतलब है कि 1930 और 1940 के दशक में कुछ मुस्लिम बुद्धिजीवियों ने निश्चित रूप से इसे इसी रूप में देखा था।”
गांधी पर दो खंडों में जीवनी लिख चुके गुहा ने कहा, “इसलिए, संभव है कि यह वाक्यांश मुसलमानों को असहज करने वाला लगा हो। हालांकि, उनका आचरण पूरी तरह बहुलतावादी था।”
गांधी के अंतरधार्मिक आचरण को रेखांकित करने के लिए गुहा ने उनकी खुले मैदान में होने वाली प्रार्थना सभाओं का उल्लेख किया, जिनमें कुरान का पाठ भी शामिल होता था। उन्होंने कहा कि गांधी अपनी प्रार्थनाओं और भजनों में विभिन्न धर्मों के संदर्भों को शामिल करने का भी प्रयास करते थे।
उन्होंने यह भी कहा कि गांधी मंदिरों में बहुत कम जाते थे, हालांकि, 1946 में मदुरै के मीनाक्षी मंदिर जाना इसका एक उल्लेखनीय अपवाद था, जब पहली बार दलितों को मंदिर में प्रवेश की अनुमति दी गई थी।