Flood situation in Assam is worrying, heavy rains are expected in Arunachal and Nagaland.
आवाज द वॉयस/नई दिल्ली
असम के कई जलमग्न इलाकों में जलस्तर के कम होने के बावजूद बृहस्पतिवार को भी बाढ़ की चिंताजनक स्थिति बनी हुई है। अधिकारियों ने यह जानकारी दी।
अधिकारियों ने बताया कि राज्य में अब तक बाढ़ जनित घटनाओं में 78 लोगों की मौत हुई और तीन लाख से अधिक लोग अब भी प्रभावित हैं।
इस बीच, भारत मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) ने अगले तीन दिनों में राज्य और पड़ोसी अरुणाचल प्रदेश एवं नगालैंड के कुछ हिस्सों में आंधी-तूफान के साथ भारी बारिश की चेतावनी जारी की है, जिससे इन दोनों राज्यों की सीमा से लगे जिलों के लिए चिंता बढ़ गई है।
असम राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (एएसडीएमए) के एक अधिकारी ने बताया, ‘‘बाढ़ से प्रभावित ऊपरी असम के अधिकतर जिलों में बारिश नहीं हुई। इसलिए, डूबे हुए जलमग्न गांवों में पानी घट रहा है, जिससे ग्रामीणों को कुछ राहत मिली।’’
प्राधिकरण की ओर से बुधवार रात जारी बाढ़ संबंधित दैनिक बुलेटिन के मुताबिक पिछले 24 घंटों में बाढ़ जनित घटनाओं में शिवसागर जिले में दो और गोलाघाट में एक व्यक्ति की मौत हो गई। इसी के साथ इस साल बाढ़ जनित घटनाओं में मरने वालों की कुल संख्या 78 हो गई है।
बुलेटिन में जानकारी दी गई कि इस समय कुल 3,00,031 लोग बाढ़ से प्रभावित हैं, जिनमें से चराइदेव में सबसे अधिक 1,37,561 लोग प्रभावित हैं। इसके बाद शिवसागर में 84,600 और जोरहाट में 49,911 लोग बाढ़ का सामना कर रहे हैं।
एएसडीएमए ने बताया कि बाढ़ की वजह से विस्थापित 16,500 से अधिक लोगों ने कुल 71 राहत शिविरों में शरण ली है। इनके अलावा, 30 राहत वितरण केंद्र 72,000 से अधिक लोगों की मदद कर रहे हैं।
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने बुधवार को असम के मुख्यमंत्री हिमंत विश्व शर्मा से फोन पर बात की और राज्य में बाढ़ की स्थिति का जायजा लिया। वहीं, मुख्यमंत्री ने बताया कि जलस्तर में कमी आई है लेकिन कई लोग अपने घरों को नहीं लौट पा रहे क्योंकि उनके घर या तो क्षतिग्रस्त हो गए हैं या फिर उनमें कीचड़ और गाद भर गई है।
बुलेटिन के मुताबिक 21,523.08 हेक्टेयर कृषि भूमि जलमग्न है और 11,000 से अधिक मवेशी बाढ़ में बह गए हैं जबकि 17,000 अन्य प्रभावित हुए हैं।