आवाज द वॉयस/नई दिल्ली
उत्तर ओडिशा के जिलों में बाढ़ की स्थिति सोमवार को भी गंभीर बनी रही और इस प्राकृतिक आपदा से करीब पांच लाख लोग प्रभावित हुए हैं। अधिकारियों ने यह जानकारी दी।
इस बीच, भारत मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) ने बंगाल की खाड़ी में बने कम दबाव के क्षेत्र के अवदाब में बदलने के बाद 18 अगस्त तक और बारिश होने का पूर्वानुमान जताया है।
मुख्यमंत्री कार्यालय (सीएमओ) ने बताया कि स्थिति की गंभीरता को देखते हुए मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी आज बाढ़ से सबसे अधिक प्रभावित भद्रक और जाजपुर जिलों का मौके पर जाकर जायजा ले सकते हैं।
सीएमओ ने बताया कि 2.37 लाख से अधिक लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया है और तटीय हिस्सों तथा स्कूलों में बनाए गए करीब 300 राहत शिविरों में रखा गया है।
राज्य सरकार ने कर्मचारियों की छुट्टियां रद्द कर दी हैं। खराब मौसम के कारण सोमवार को स्कूल एवं अन्य शैक्षणिक संस्थान बंद रहे ।
आईएमडी ने मछुआरों को चेतावनी देते हुए 18 अगस्त तक उत्तर पश्चिमी बंगाल की खाड़ी, पश्चिम बंगाल, बांग्लादेश, ओडिशा और उत्तर आंध्र प्रदेश के तटों पर समुद्र में नहीं जाने की सलाह दी है।
अवदाब बनने के बाद आईएमडी ने ओडिशा के बालासोर, क्योंझर और मयूरभंज जिलों के कुछ स्थानों पर बहुत भारी से अत्यंत भारी बारिश के लिए ‘रेड अलर्ट’ जारी किया है।
आईएमडी ने भद्रक, जाजपुर, केंद्रपाड़ा, जगतसिंहपुर, कटक, सुंदरगढ़, झारसुगुड़ा, संबलपुर, देवगढ़, अंगुल और ढेंकनाल समेत 11 जिलों के लिए ‘ऑरेंज अलर्ट’ (कार्रवाई के लिए तैयार रहें) भी जारी किया है। इन जिलों में एक-दो स्थानों पर भारी से बहुत भारी बारिश होने की संभावना है।
विभाग ने बरगढ़, सोनपुर, बौध, पुरी, खुर्दा और नयागढ़ जिलों के लिए भारी बारिश का ‘येलो अलर्ट’ (सतर्क रहें) भी जारी किया है।
मुख्य सचिव अनु गर्ग ने कहा कि उत्तर ओडिशा के संवेदनशील इलाकों में करीब 100 बचाव दल तैनात किए गए हैं। जल संसाधन विभाग के वरिष्ठ इंजीनियरों को तटबंधों की सुरक्षा सुनिश्चित करने और आपदा के प्रभाव को कम करने के लिए मौके पर भेजा गया है।
उन्होंने बताया कि प्रभावित इलाकों में राहत एवं बचाव अभियान की निगरानी के लिए तीन वरिष्ठ अधिकारियों को भद्रक, जाजपुर और बालासोर जिलों में भेजा गया है।