Digital library has reduced the educational gap between villages and cities: Chief Minister Adityanath
आवाज द वॉयस/नई दिल्ली
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सोमवार को कहा कि प्रदेश में डिजिटल पुस्तकालय के विस्तार से गांवों में रहने वाले बच्चों और युवाओं के लिए पढ़ाई के आधुनिक संसाधन सुलभ हुए हैं और अब शहर की दूरी उनकी शिक्षा में बाधा नहीं बन सकती।
मुख्यमंत्री ने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में डिजिटल पुस्तकालय पहल का जिक्र करते हुए कहा कि प्रदेश की 57,600 ग्राम पंचायतों तक डिजिटल पुस्तकालय (ई-लाइब्रेरी) पहुंच चुके हैं। उन्होंने कहा कि संसाधन करीब आए हैं तो बच्चों और युवाओं के सपनों की राह भी आसान हुई है।
उन्होंने कहा कि 2017 से पहले ‘ई-लाइब्रेरी’ की पहुंच राज्य और जिला स्तर के करीब 76 स्थानों तक सीमित थी, जबकि अब यह सुविधा 57,600 ग्राम पंचायतों तक पहुंच गई है।
आदित्यनाथ ने बहराइच के तेजवापुर विकासखंड के खसहा मोहम्मदपुर गांव के डिजिटल पुस्तकालय का उदाहरण देते हुए कहा कि पहले ग्रामीण क्षेत्रों के बच्चों को प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए किताबों और बेहतर संसाधनों के वास्ते शहरों का रुख करना पड़ता था, जिससे समय और धन दोनों खर्च होते थे।
मुख्यमंत्री ने कहा कि ग्राम पंचायत सचिवालय में स्थापित यह ‘डिजिटल पुस्तकालय’ पुस्तकों और आधुनिक तकनीक को एक ही स्थान पर उपलब्ध कराता है। उन्होंने कहा कि यहां कंप्यूटर, प्रिंटर, हाई-स्पीड इंटरनेट, वाई-फाई, स्मार्ट टीवी और सीसीटीवी की सुविधा है। प्रतियोगी परीक्षाओं की पुस्तकों के अलावा नेशनल बुक ट्रस्ट का साहित्य भी उपलब्ध है।
उन्होंने कहा कि बच्चे और युवा इन केंद्रों पर अध्ययन करने के साथ ई-लर्निंग से जुड़ रहे हैं तथा प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे हैं। शहर आने-जाने में लगने वाला समय और पैसा अब उनकी पढ़ाई में इस्तेमाल हो रहा है।