Difficult to prove Antony Raju's intention to tamper with evidence: Kerala High Court
आवाज द वॉयस/नई दिल्ली
केरल उच्च न्यायालय ने शुक्रवार को कहा कि यह साबित करना मुश्किल होगा कि 1990 के मादक पदार्थ के एक मामले में जब राज्य के पूर्व परिवहन मंत्री एंटनी राजू एक जूनियर वकील थे, तब उनकी सबूतों से छेड़छाड़ करने की मंशा थी।
न्यायमूर्ति सी. जयचंद्रन ने यह भी पूछा कि क्या राजू के वरिष्ठ वकील को सबूतों से छेड़छाड़ की जानकारी थी।
सुनवाई के दौरान अदालत ने यह सवाल भी उठाया कि राजू के ऊपर आपराधिक जिम्मेदारी कैसे तय की जा सकती है। यह जानकारी एक वरिष्ठ सरकारी वकील ने दी।
अदालत ने यह भी पूछा कि राजू के ऊपर सबूतों से छेड़छाड़ करने की मंशा का आरोप कैसे लगाया जा सकता है।
अभियोजन पक्ष ने अदालत को बताया कि जब सबूत राजू की अभिरक्षा में थे, उसी दौरान उनके साथ छेड़छाड़ की गई थी।
उच्च न्यायालय की ये टिप्पणियां और सवाल उस समय आए जब अदालत राजू की उस याचिका पर सुनवाई कर रही थी जिसमें उन्होंने अपनी सजा पर रोक लगाने का अनुरोध किया है, ताकि वह आगामी विधानसभा चुनाव लड़ सकें।
दूसरी ओर, राज्य सरकार ने कहा कि पूर्व मंत्री ‘‘यह साबित करने में विफल रहे हैं कि यदि उनकी सजा लागू रहती है तो उन्हें कोई गंभीर अन्याय या अपूरणीय क्षति होगी।’’