नई दिल्ली
राजधानी दिल्ली में आयोजित एआई समिट के दौरान हुए विरोध प्रदर्शन के मामले में हिरासत में लिए गए भारतीय युवा कांग्रेस के दो कार्यकर्ताओं को तिलक मार्ग थाने से रिहा कर दिया गया है। हालांकि, पुलिस ने एक अन्य प्रदर्शनकारी को हिरासत में लिया है और बाकी आरोपियों की तलाश में छापेमारी जारी है।
दिल्ली पुलिस के अनुसार, भारत मंडपम में आयोजित एआई समिट के दौरान हुए प्रदर्शन में इस्तेमाल की गई टी-शर्ट्स और पोस्टर भारतीय युवा कांग्रेस के नेता कृष्णा हरि की कार से बरामद किए गए हैं। पुलिस का कहना है कि प्रदर्शन के दौरान कुछ कार्यकर्ताओं ने अंतरराष्ट्रीय नेताओं और गणमान्य व्यक्तियों की मौजूदगी में आपत्तिजनक और राष्ट्रविरोधी नारे लगाए थे।
इस बीच शनिवार को पटियाला हाउस कोर्ट ने गिरफ्तार चारों आरोपियों की जमानत याचिका खारिज कर दी और उन्हें पांच दिन की पुलिस हिरासत में भेज दिया। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान कृष्णा हरि, कुंदन यादव, अजय कुमार और नरसिम्हा यादव के रूप में हुई है। दिल्ली पुलिस ने अदालत में दलील दी कि फरार अन्य आरोपियों की गिरफ्तारी और साजिश की पूरी जांच के लिए हिरासत आवश्यक है।
वहीं, आरोपियों के वकील ने अदालत में कहा कि सभी आरोपी एक राजनीतिक दल से जुड़े पदाधिकारी हैं और उन्होंने शांतिपूर्ण तरीके से अपना विरोध दर्ज कराया। बचाव पक्ष ने यह भी तर्क दिया कि घटना का कोई ऐसा वीडियो सामने नहीं आया है जिसमें हिंसा दिखाई दे। उनका कहना था कि विरोध प्रदर्शन लोकतांत्रिक अधिकार के तहत किया गया था।
यह मामला तब सामने आया जब भारतीय युवा कांग्रेस के कार्यकर्ताओं ने भारत मंडपम में आयोजित एआई इम्पैक्ट इंडिया समिट के दौरान अपनी शर्ट उतारकर “Compromised PM” लिखे नारे के साथ प्रदर्शन किया। पार्टी ने बयान जारी कर कहा कि यह विरोध एक “समझौता कर चुके प्रधानमंत्री” के खिलाफ था, जिन्होंने एआई समिट में देश की पहचान से समझौता किया है।
घटना के बाद राजनीतिक माहौल गर्म हो गया। भारतीय जनता पार्टी ने कई राज्यों में कांग्रेस के खिलाफ विरोध प्रदर्शन किए। सूरत और जम्मू में भाजपा कार्यकर्ताओं ने प्रदर्शन किया, जबकि दिल्ली में भाजपा युवा मोर्चा के सदस्यों ने इस घटना की निंदा करते हुए रैलियां निकालीं।
फिलहाल पुलिस मामले की गहन जांच कर रही है और फरार आरोपियों की तलाश जारी है। इस घटना ने राजनीतिक हलकों में अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता और कानून-व्यवस्था को लेकर नई बहस छेड़ दी है।





