Court grants time to 9 accused in AI Summit protest case to file reply on police plea challenging their bail
नई दिल्ली
पटियाला हाउस कोर्ट ने शुक्रवार को 9 कांग्रेस कार्यकर्ताओं को दिल्ली पुलिस की अर्जी पर जवाब देने के लिए समय दिया, जिसमें उन्हें दी गई ज़मानत के खिलाफ़ अपील की गई थी। उन्हें AI समिट प्रोटेस्ट मामले के सिलसिले में गिरफ्तार किया गया था। कोर्ट ने उदय भानु चिब को दी गई ज़मानत के खिलाफ़ चुनौती पर सुनवाई टाल दी है, क्योंकि मामला दिल्ली हाई कोर्ट में पेंडिंग है। एडिशनल सेशंस जज (ASJ) प्रशांत शर्मा ने रेस्पोंडेंट (आरोपी) को समय दिया और दोनों मामलों को 23 अप्रैल को सुनवाई के लिए लिस्ट किया।
उदय भानु चिब को 28 फरवरी को ज़मानत दी गई थी, और बाकी 9 आरोपियों को 1 मार्च को ज़मानत दी गई थी। दूसरे आरोपी कृष्ण हरि, कुंदन यादव, नरसिम्हा यादव, अजय सिंह, सौरभ, अरबाज़ खान, अजय कुमार विमल, राजा गूजर और जितेंद्र यादव हैं। दिल्ली पुलिस ने ड्यूटी मजिस्ट्रेट द्वारा पास किए गए सभी ज़मानत आदेशों को चुनौती दी थी। वकील रूपेश सिंह भदौरिया और चितवन गोदारा आरोपियों की ओर से पेश हुए। उदय भानु चिब को 28 फरवरी को ज़मानत मिल गई थी। लेकिन, दिल्ली पुलिस के सेशन कोर्ट जाने के बाद उसी दिन उनके ज़मानत ऑर्डर पर रोक लगा दी गई।
इसके बाद उदय भानु की लीगल टीम ने सेशन कोर्ट के ऑर्डर के खिलाफ दिल्ली हाई कोर्ट का दरवाजा खटखटाया। सीनियर वकील सिद्धार्थ लूथरा की दलीलें सुनने के बाद सेशन कोर्ट के पास किए गए ऑर्डर पर रोक लगा दी गई थी। ड्यूटी मजिस्ट्रेट वंशिता मेहता ने कस्टडी बढ़ाने की अर्जी खारिज कर दी थी और 28 फरवरी को उदय भानु चिब को ज़मानत दे दी थी।