आवाज द वॉयस/नई दिल्ली
बेहद अहम माने जा रहे पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के लिए मतगणना सोमवार सुबह आठ बजे शुरू हो गई।
नतीजों से यह तय होगा कि मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के नेतृत्व वाली तृणमूल कांग्रेस लगातार चौथी बार सत्ता में लौटती है या भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) राज्य में पहली बार सरकार बनाकर इतिहास रचती है।
राज्य के 23 जिलों में 77 केंद्रों पर बहुस्तरीय सुरक्षा घेरे के बीच 294 में से 293 विधानसभा क्षेत्रों के लिए मतगणना हो रही है। इसके साथ ही 2,926 उम्मीदवारों की किस्मत का फैसला होगा।
भारत निर्वाचन आयोग ने दक्षिण 24 परगना जिले के फाल्टा विधानसभा क्षेत्र में मतदान केंद्रों पर गड़बड़ी का हवाला देते हुए चुनाव रद्द कर दिया था। इस सीट पर 21 मई को दोबारा मतदान होगा जबकि मतगणना 24 मई को होगी।
राज्य में दो चरण में 23 अप्रैल और 29 अप्रैल को मतदान हुआ था। निर्वाचन आयोग के अनुसार, स्वतंत्रता के बाद बंगाल में इस बार सबसे अधिक 92.47 प्रतिशत मतदान दर्ज किया गया।
सबसे पहले डाक मतपत्रों की गिनती की जा रही है, जिनके जरिये चुनाव ड्यूटी में तैनात कर्मचारी मतदान करते हैं। इसके बाद इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीन (ईवीएम) के मतों की गिनती होगी। हर सीट पर मतगणना के कई दौर होंगे और शुरुआती रुझान जल्द आने की संभावना है।
चुनाव के लिए राज्यभर में कड़े सुरक्षा इंतजाम किए गए हैं।
अधिकारियों ने बताया कि 23 जिलों में बने 77 मतगणना केंद्रों पर बहुस्तरीय सुरक्षा व्यवस्था के तहत केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बल (सीएपीएफ) के 2.5 लाख से अधिक कर्मियों के साथ राज्य पुलिस को तैनात किया गया है।