Congress MLA equates 'beauty' with rape and 'pilgrimage', disagrees with statement after controversy
आवाज द वॉयस/नई दिल्ली
मध्यप्रदेश में कांग्रेस विधायक फूल सिंह बरैया ने महिलाओं की ‘खूबसूरती’ को कथित तौर पर बलात्कार और अनुसूचित जाति-जनजाति समाज की महिलाओं के खिलाफ यौन अपराधों को ‘तीर्थ फल’ से जोड़कर एक नया राजनीतिक विवाद खड़ा कर दिया है।
बाद में विवाद बढ़ने और कांग्रेस द्वारा स्पष्टीकरण मांगे जाने पर बरैया ने सफाई देते हुए कहा कि उन्होंने किसी और के बयान का ‘किसी संदर्भ’ में हवाला दे दिया, जिससे वह असहमत हैं।
बरैया का विवादित बयान शनिवार को ऐसे समय में आया, जब लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी दूषित जल त्रासदी के पीड़ितों और उनके परिजनों से मिलने के लिए इंदौर के दौरे पर थे।
विधायक के बयान के बाद राज्य की सत्तारूढ़ भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) कांग्रेस पर हमलावर हो गई। मुख्यमंत्री मोहन यादव ने इसका नेतृत्व करते हुए बरैया की टिप्पणी की कड़ी निंदा की और उम्मीद जताई कि गांधी, कांग्रेस विधायक के खिलाफ कार्रवाई करेंगे।
विवाद बढ़ने पर कांग्रेस ने बरैया के बयान को ‘व्यक्तिगत विचार’ करार दिया और इससे किनारा करते हुए उनसे स्पष्टीकरण की मांग की।
देर शाम एक वीडियो जारी कर बरैया ने कहा कि जिस बयान को लेकर उनके ऊपर ‘आरोप’ लगाए जा रहे हैं, वह बयान उनका नहीं है।
उन्होंने कहा, ‘‘वह बयान बिहार के दर्शन शास्त्र के एक प्रोफेसर हरि मोहन झा का है। उनके लिखे हुआ बयान का किसी संदर्भ में मैंने हवाला दे दिया। मैं इस बयान से सहमत नहीं हूं। मैं खुद नहीं चाहता लेकिन उसका संदर्भ लेकर हवाला दे दिया।’’
इससे पहले, अपने बयान पर कायम रहते हुए बरैया ने दावा किया था कि उनकी टिप्पणी अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति वर्ग की 40 करोड़ महिलाओं के हित में है।
अपने बयानों को लेकर अक्सर चर्चा में रहने वाले दतिया के भांडेर से कांग्रेस विधायक बरैया ने एक मीडिया संस्थान को दिए साक्षात्कार में विवादित टिप्पणी की थी, जिसका वीडियो अब सोशल मीडिया पर तेजी से प्रसारित हो रहा है।
वीडियो में बरैया यह दावा करते नजर आ रहे हैं कि भारत में सबसे ज्यादा बलात्कार अनुसूचित जाति (एससी), अनुसूचित जनजाति (एसटी) और अति पिछड़ा वर्ग (एमबीसी) की महिलाओं से होते हैं।