CMRL केस: पिनराई विजयन को ED का समन

Story by  आवाज़ द वॉयस | Published by  onikamaheshwari | Date 17-10-2026
CMRL-Exalogic payoff case: ED serves summons for October 23 to Pinarayi Vijayan
CMRL-Exalogic payoff case: ED serves summons for October 23 to Pinarayi Vijayan

 

तिरुवनंतपुरम (केरल) 
 
प्रवर्तन निदेशालय (ED) के अधिकारियों ने शनिवार को तिरुवनंतपुरम में केरल के पूर्व मुख्यमंत्री पिनाराई विजयन के किराए के घर पर CMRL-एक्सलॉजिक (Exalogic) पेऑफ मामले के संबंध में एक समन नोटिस चस्पा किया। एजेंसी ने विजयन से 23 अक्टूबर (शुक्रवार) को सुबह 11 बजे पेश होने, सबूत देने और रिकॉर्ड पेश करने को कहा है। अधिकारियों के अनुसार, ED ने शुक्रवार को विजयन को एक औपचारिक समन जारी किया था, जिसमें उन्हें मनी लॉन्ड्रिंग के एक चल रहे मामले के सिलसिले में 23 अक्टूबर को कोच्चि स्थित ED कार्यालय में पेश होने के लिए कहा गया था।
 
शुक्रवार को, सुप्रीम कोर्ट ने विजयन की उस तत्काल याचिका पर सुनवाई करने से इनकार कर दिया, जिसमें उन्होंने 278 करोड़ रुपये के CMRL-एक्सलॉजिक मामले में विजिलेंस (सतर्कता) कार्यवाही पर रोक लगाने की मांग की थी। विजयन को अपनी गिरफ्तारी की आशंका थी। विजयन की ओर से पेश हुए वरिष्ठ वकील सिद्धार्थ लूथरा ने भारत के मुख्य न्यायाधीश (CJI) सूर्यकांत और न्यायमूर्ति जॉयमाल्य बागची की पीठ को बताया कि 82 वर्षीय नेता की गिरफ्तारी हो सकती है।
 
उन्होंने केरल उच्च न्यायालय के उस आदेश को चुनौती दी जिसमें FIR दर्ज करने का निर्देश दिया गया था। उन्होंने तर्क दिया कि यह आदेश एक एकल न्यायाधीश (सिंगल जज) द्वारा जनहित याचिका जैसी कार्यवाही के दौरान पारित किया गया था। मुख्य न्यायाधीश ने कहा कि अदालत आगामी दशहरा छुट्टियों के दौरान एक विशेष पीठ गठित करने की संभावना तलाशेगी, जो न्यायाधीशों की उपलब्धता पर निर्भर करेगा। यदि ऐसा संभव नहीं हुआ, तो मामले को 26 अक्टूबर को सूचीबद्ध किया जाएगा। दशहरा की छुट्टियों के बाद, 26 अक्टूबर से सुप्रीम कोर्ट का कामकाज फिर से सामान्य रूप से शुरू होने वाला है।
 
केरल उच्च न्यायालय की एकल पीठ ने 9 अक्टूबर को राज्य सतर्कता और भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (VACB) को निर्देश दिया था कि वह ED द्वारा पुलिस को भेजी गई एक रिपोर्ट के आधार पर आपराधिक मामला दर्ज करे। ED ने अपनी जांच के दौरान जुटाए गए सबूतों के आधार पर मामला दर्ज करने की मांग की थी। इसमें 'प्रिवेंशन ऑफ मनी लॉन्ड्रिंग एक्ट' (PMLA) के तहत की गई तलाशी के दौरान मिले दस्तावेज और अन्य सामग्री शामिल हैं। ये आरोप CMRL और उसकी एक सहयोगी कंपनी द्वारा 'एक्सलॉजिक सॉल्यूशंस' (Exalogic Solutions) को किए गए भुगतान से जुड़े हैं। एजेंसी ने आरोप लगाया कि CMRL ने इन भुगतानों को IT कंसल्टेंसी सेवाओं के शुल्क के रूप में दिखाकर, 2.78 करोड़ रुपये गलत तरीके से 'एक्सलॉजिक' (Exalogic) को ट्रांसफर कर दिए।