CM Bhupendra Patel deploys senior ministers to South Gujarat after over 1000 evacuated due to heavy rain
सूरत
दक्षिण गुजरात में लगातार हो रही मूसलाधार बारिश के बीच मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल ने राहत और बचाव कार्यों की निगरानी के लिए वरिष्ठ मंत्रियों और अधिकारियों को प्रभावित जिलों में तैनात किया है।
सूचना आयुक्तालय के अनुसार, उपमुख्यमंत्री हर्ष संघवी, आदिवासी विकास मंत्री नरेश पटेल और वरिष्ठ सचिवों को सूरत, नवसारी और वलसाड जिलों में प्रशासन की सहायता के लिए भेजा गया है। रेड अलर्ट वाले जिलों के प्रभारी सचिवों को तत्काल मौके पर पहुंचकर राहत और आपदा प्रबंधन की निगरानी करने के निर्देश दिए गए हैं।
1000 से अधिक लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया
दक्षिण गुजरात में भारी बारिश के कारण जलभराव, नदियों का जलस्तर बढ़ने और बाढ़ जैसी स्थिति के चलते अब तक 1000 से अधिक लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया है। राहत शिविरों में भोजन और चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं।
सूरत में रेड अलर्ट, NDRF ने शुरू किया रेस्क्यू
सूरत शहर में रेड अलर्ट जारी है। जिला कलेक्टर तेजस परमार ने कहा कि प्रशासन पूरी तरह सतर्क है। एनडीआरएफ और राहत दलों ने निचले इलाकों से लोगों को निकालना शुरू कर दिया है। लोगों से अफवाहों से बचने और केवल सरकारी सूचना पर भरोसा करने की अपील की गई है।
सूरत नगर निगम (SMC) ने जलभराव वाले इलाकों में तेजी से पानी निकासी का काम शुरू किया है। राहत केंद्रों में विस्थापित लोगों को दूध, भोजन और स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं। पांडेसरा के कृष्णा नगर क्षेत्र से 11 लोगों, जिनमें बच्चे भी शामिल थे, को सुरक्षित निकाला गया।
नवसारी में नदियां खतरे के निशान से ऊपर
नवसारी जिले में पिछले 24 घंटे में औसतन 6.5 इंच बारिश दर्ज की गई। चिखली और वांसदा में लगभग 10-10 इंच तथा खेरगाम में करीब 8 इंच बारिश हुई।
कावेरी नदी 19 फीट के खतरे के निशान को पार कर 21 फीट पर बह रही है। अंबिका नदी भी खतरे के निशान से ऊपर है, जबकि पूर्णा नदी खतरे के स्तर के बेहद करीब पहुंच गई है।
जूज बांध ओवरफ्लो हो चुका है और केलिया बांध भी भराव की स्थिति में है। प्रशासन ने नदी और बांधों के किनारे रहने वाले लोगों को सतर्क रहने और पानी के पास न जाने की सलाह दी है।
नवसारी और बिलीमोरा में SDRF की दो टीमें तैनात की गई हैं। जिले के सभी आंगनवाड़ी, स्कूल, कॉलेज और आईटीआई गुरुवार को भी बंद रखने के आदेश दिए गए हैं। ऑनलाइन कक्षाएं जारी रह सकती हैं।
वलसाड में फैक्ट्रियां और स्कूल बंद
वलसाड जिले में भारी बारिश को देखते हुए गुरुवार को सभी फैक्ट्रियों और औद्योगिक इकाइयों को बंद रखने का आदेश दिया गया है। केवल आवश्यक सेवाओं के लिए न्यूनतम कर्मचारियों को अनुमति दी गई है।
जिले के सभी स्कूल भी बंद रहेंगे। पारडी तालुका के निचले इलाकों से 103 लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया है। खड़की गांव के पास रेलवे ट्रैक का एक हिस्सा बह जाने के बाद मरम्मत कार्य शुरू कर दिया गया। वहीं, नानापोंडा के अंभेटी इलाके में बाढ़ के पानी में फंसी नासिक की एक निजी बस से 16 यात्रियों को सुरक्षित बचाया गया।
IMD की चेतावनी
भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने अगले तीन दिनों तक गुजरात के कई जिलों में अत्यधिक भारी बारिश की चेतावनी जारी की है। लोगों को जलभराव वाले क्षेत्रों और अंडरपास से बचने, यात्रा से पहले ट्रैफिक अपडेट देखने, पुराने भवनों और नदी किनारे के इलाकों से दूर रहने की सलाह दी गई है। मछुआरों को भी समुद्र में न जाने की चेतावनी दी गई है।