आवाज द वॉयस/नई दिल्ली
कॉकरोच जनता पार्टी (कॉजपा) ने महात्मा गांधी अंतरराष्ट्रीय हिंदी विश्वविद्यालय (एमजीएएचवी) के उन छात्रों के समर्थन की घोषणा की है, जो पाठ्यक्रम स्थानांतरण और रुकी हुई पीएचडी दाखिला प्रक्रिया के खिलाफ प्रदर्शन कर रहे हैं। उसने छह शोधार्थियों के खिलाफ दर्ज प्राथमिकी वापस लेने की मांग भी की है।
कॉजपा संस्थापक अभिजीत दीपके ने शनिवार को कहा कि शांतिपूर्ण आंदोलन को पुलिस मामलों के जरिए दबाया नहीं जाना चाहिए। वहीं, विश्वविद्यालय ने प्रशासनिक कामकाज बाधित होने का हवाला देते हुए आपराधिक मामलों और परिसर में लगाए गए अंतरिम प्रतिबंधों का बचाव किया।
वर्ष 1997 में स्थापित केंद्रीय विश्वविद्यालय एमजीएएचवी के छात्रों ने जुलाई में अपना प्रदर्शन शुरू किया था। छह शोधार्थी अब भी वर्धा जिला कलेक्ट्रेट में आंदोलन कर रहे हैं।
सम्यक विद्यार्थी आंदोलन के संयोजक और शोधार्थी निरंजन ओबेराय ने सोमवार को ‘पीटीआई-भाषा’ से बातचीत में कहा कि विश्वविद्यालय ने 2022 में वर्धा परिसर में महिला अध्ययन और फिल्म अध्ययन पाठ्यक्रम बंद कर दिए थे और उन्हें उत्तर प्रदेश स्थित विश्वविद्यालय के प्रयागराज केंद्र में स्थानांतरित कर दिया था।