आवाज द वॉयस/नई दिल्ली
वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने सोमवार को कहा कि द्विपक्षीय निवेश संधियों के लिए नया खाका तैयार है और इसे निवेशकों के लिए अधिक अनुकूल बनाने के उद्देश्य से जल्द ही केंद्रीय मंत्रिमंडल की मंजूरी मिलने की उम्मीद है।
उन्होंने कहा कि पिछले डेढ़ साल से तैयार किए जा रहे नए खाके का उद्देश्य 2016 में मंजूर किए गए खाके की खामियों को दूर करना और दोनों देशों के निवेशकों को अधिक प्रभावी सुरक्षा प्रदान करना है।
सीतारमण ने यहां ‘म्यूनिख सुरक्षा सम्मेलन’ में कहा कि नए खाके को अंतिम रूप दिए जाने के बीच भी भारत ने निवेश संरक्षण समझौतों पर बातचीत जारी रखी है।
उन्होंने कहा कि सऊदी अरब के साथ हुआ नवीनतम समझौता 2016 के ढांचे से आगे जाता है और इसमें दोनों देशों के निवेशकों के हितों की सुरक्षा पर अधिक स्पष्ट रूप से केंद्रित प्रावधान शामिल हैं।
सीतारमण ने कहा कि भारत ने संयुक्त अरब अमीरात (यूएई), ओमान और कुछ मध्य एशियाई देशों के साथ भी इसी तरह के समझौते किए हैं।
उन्होंने कहा, ‘‘हमारे पास नया खाका है, जिसे जल्द ही मंजूरी मिल जाएगी। हालांकि, इस बीच हमने प्रक्रिया को रोका नहीं है। हम देशों के साथ बातचीत कर रहे हैं और उनमें नए खाके में शामिल कई और प्रावधानों को शामिल किया जा रहा है।’’
मंत्री ने कहा कि भारत की कनाडा और रूस समेत कई देशों के साथ द्विपक्षीय निवेश संरक्षण समझौतों पर बातचीत जारी है।