आवाज द वॉयस/नई दिल्ली
पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के लिए सोमवार को जारी मतगणना से प्राप्त रुझानों के अनुसार भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) 159 सीट पर आगे है जबकि तृणमूल कांग्रेस 83 सीट पर बढ़त बनाए हुए है। निर्वाचन आयोग ने यह जानकारी दी।
यह रुझान राज्य के राजनीतिक परिदृश्य को बदल सकने वाले संभावित नतीजे की ओर संकेत देता है।
शुरुआती आंकड़े भौगोलिक रूप से बंटे जनादेश के संकेत दे रहे हैं। भाजपा सीमावर्ती, आदिवासी और औद्योगिक क्षेत्रों में आगे बढ़ती दिख रही है, जबकि तृणमूल कोलकाता के कुछ हिस्सों और कुछ ग्रामीण गढ़ों में अपनी पकड़ बनाए हुए है।
राज्य की 293 विधानसभा सीट के लिए मतगणना सुबह आठ बजे डाक मतपत्रों से शुरू हुई, जिसके बाद इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीन (ईवीएम) के जरिए डाले गए मतों की गिनती प्रारंभ की गई।
इस चुनाव को बनर्जी के लगातार चौथी बार सत्ता में आने के प्रयास की बड़ी परीक्षा के रूप में देखा जा रहा है। वहीं, आक्रामक प्रचार अभियान चलाने वाली भाजपा 2021 में मिली बढ़त को निर्णायक सफलता में बदलने की कोशिश कर रही है।
भवानीपुर सीट पर कांटे की टक्कर नजर आ रही है। मुख्यमंत्री एवं तृणमूल कांग्रेस प्रमुख ममता बनर्जी मतगणना के दूसरे दौर के बाद दक्षिण कोलकाता की इस चर्चित सीट पर भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के उम्मीदवार शुभेंदु अधिकारी से पीछे थीं, लेकिन तीसरे दौर में वह 8,482 मतों से आगे हैं।
निर्वाचन आयोग के अनुसार, ममता बनर्जी को 17,244 और अधिकारी को 8,762 मत मिले हैं।
पहले दौर में भी बनर्जी 1,996 मतों से आगे थीं। उस दौर में उन्हें 3,666 मत मिले थे, जबकि अधिकारी को 1,670 मत प्राप्त हुए थे। दूसरे दौर के बाद स्थिति में बदलाव आया और अधिकारी ने बढ़त बना ली लेकिन तीसरे दौर में बनर्जी पुन: आगे हैं।
भवानीपुर का मुकाबला प्रतिष्ठा की लड़ाई के रूप में देखा जा रहा है।
टेलीविजन चैनलों ने पहले दौर के बाद नंदीग्राम में अधिकारी को तृणमूल के पवित्र कर से 3,100 से अधिक मतों से आगे दिखाया, लेकिन निर्वाचन आयोग ने अभी आधिकारिक आंकड़े उपलब्ध नहीं कराए हैं।
अधिकारी ने कहा, ‘‘पहले दौर में जिन 14 बूथ के मतों की गिनती हुई, उनमें पांच मुस्लिम बहुल थे। वहां भी तृणमूल संघर्ष कर रही है।’’