Armed Naxalite Cadre in Chhattisgarh Eliminated Within Set Deadline: Deputy Chief Minister Vijay Sharma
आवाज द वॉयस/नई दिल्ली
छत्तीसगढ़ के उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा ने कहा कि राज्य में हथियारबंद नक्सली कैडर “पूरी तरह से समाप्त” हो गया है और अब मुख्य चुनौती पर्यावरण तथा आदिवासी संस्कृति के संरक्षण के साथ बस्तर का विकास है।
शर्मा ने यह भी कहा कि दो वर्ष पहले नक्सलवाद को खत्म करने के लिए स्पष्ट समयसीमा तय करना, तकनीक आधारित खुफिया तंत्र और सुरक्षा बलों द्वारा सटीक अभियान ने इस दिशा में अहम भूमिका निभाई।
गृह विभाग भी संभाल रहे शर्मा ने सोमवार शाम ‘पीटीआई-भाषा’ को दिए साक्षात्कार में कहा कि आत्मसमर्पण करने वाले नक्सलियों के खिलाफ दर्ज मामलों को वापस लेने का निर्णय राष्ट्रीय स्तर पर लिया जाएगा।
शर्मा ने कहा, “हथियारबंद नक्सलवाद से मुक्ति का जो विषय था, वह अब पूरा हो चुका है। छत्तीसगढ़ में सशस्त्र नक्सलियों का पूरा कैडर समाप्त हो गया है। आज जब हम बात कर रहे हैं, तो मेरा मानना है कि जो 15-20 नक्सली शेष हैं, वे भी पुनर्वास की प्रक्रिया में हैं। 31 मार्च 2026 की निर्धारित समयसीमा तक राज्य में नक्सली संगठन का सशस्त्र कैडर पूरी तरह समाप्त हो चुका है।”
उन्होंने कहा, “आपको बस यह रात गुजारनी है, छत्तीसगढ़ में नक्सली संगठन असल में खत्म हो चुका है।’’
इसे पिछले दो वर्षों की “सबसे बड़ी उपलब्धि” बताते हुए शर्मा ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह और मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व को इसका श्रेय दिया।
उन्होंने कहा कि इनके प्रयासों से संविधान का शासन बस्तर और राज्य के हर कोने तक पहुंचा है।
उन्होंने कहा, “(नक्सल विरोधी) अभियान इतने सटीक थे कि सुरक्षा कर्मियों को खरोंच तक नहीं आई, जबकि कई नक्सली मारे गए। पिछले दो वर्षों में हमारी सरकार की सबसे बड़ी उपलब्धि नक्सलवाद पर नियंत्रण पाना रही है।”
बस्तर में सुरक्षा बलों की तैनाती का जिक्र करते हुए शर्मा ने कहा कि सुरक्षा शिविर फिलहाल जारी रहेंगे, क्योंकि जनता का भरोसा बनने में समय लगता है।
उन्होंने कहा, “यह सच है कि पूरा कैडर खत्म हो चुका है, लेकिन लोगों को इसे पूरी तरह स्वीकार करने में समय लगेगा। एहतियाती इंतजाम जारी रहेंगे।”