अरावली पर्वतमाला: न्यायालय की ओर से गठित समिति ने सुझावों के लिए 21 दिनों की समय-सीमा तय की

Story by  PTI | Published by  [email protected] | Date 21-07-2026
Aravalli Range: Court-appointed committee sets 21-day deadline for suggestions
Aravalli Range: Court-appointed committee sets 21-day deadline for suggestions

 

आवाज द वॉयस/नई दिल्ली

 
 उच्चतम न्यायालय द्वारा गठित अरावली समिति ने पर्वत श्रृंखला से जुड़े विभिन्न विषयों पर आम लोगों और संबंधित पक्षों से उनके विचार, सुझाव और राय मांगी है।
 
अरावली पर्वतमाला के क्षेत्र को स्पष्ट रूप से तय करने और इसके दायरे को परिभाषित करने के संबंध में केंद्र सरकार ने एक रिपोर्ट तैयार की थी। इस रिपोर्ट की निष्पक्ष समीक्षा के लिए 25 मई को इस उच्चस्तरीय समिति का गठन किया गया था।
 
पर्यावरण मंत्रालय की ओर से मंगलवार को जारी एक विज्ञप्ति के अनुसार, समिति ने राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र की सरकारों के अलावा पर्यावरणविदों, खनन का पट्टा रखने वालों और स्थानीय समुदायों सहित सभी पक्षों से सुझाव आमंत्रित किए हैं। इनमें वे लोग भी शामिल हैं जिनकी आजीविका और जीवन इस क्षेत्र की प्राकृतिक जैव विविधता से सीधे तौर पर जुड़ा हुआ है।
 
विज्ञप्ति में स्पष्ट किया गया है कि लोग इस सूचना के जारी होने के 21 दिनों के भीतर आधिकारिक गूगल फार्म अथवा ईमेल के माध्यम से अपनी राय भेज सकते हैं। यदि संभव हो तो सुझावों के साथ उनसे जुड़े दस्तावेज़ या ऐसे प्रमाण भी संलग्न किए जा सकते हैं, जिनकी सत्यता की जांच की जा सके।
 
यह कदम ऐसे समय में उठाया गया है, जब समिति में मुख्य रूप से पूर्व सरकारी अधिकारियों के शामिल होने के कारण इसकी निष्पक्षता पर सवाल उठ रहे हैं।
 
इस समिति को 31 अगस्त तक अपनी समीक्षा रिपोर्ट सौंपनी है। भारतीय वानिकी अनुसंधान एवं शिक्षा परिषद की महानिदेशक कंचन देवी को इसका अध्यक्ष बनाया गया है।
 
वहीं, आलोचकों का तर्क है कि समिति की प्रमुख सीधे पर्यावरण मंत्रालय के सचिव और मंत्री को रिपोर्ट करती हैं। ऐसे में यह समिति निष्पक्षता और स्वतंत्रता के उन मापदंडों पर खरी नहीं उतरती, जिनका उल्लेख शीर्ष अदालत ने दिसंबर 2025 में खुद संज्ञान लेते हुए जारी अपने आदेश में किया था।
ममता ने बागी नेताओं से कहा कि वे भाजपा के “सहयोगी” की तरह काम करने के बजाय औपचारिक रूप से पार्टी में शामिल हो जाएं।
 
उन्होंने कहा, “अगर आप (बागी नेता) भाजपा का समर्थन करना चाहते हैं, तो भाजपा में चले जाएं। आपमें से जितने ज्यादा लोग पार्टी छोड़ेंगे, मुझे उतनी ही खुशी होगी। हर खाली जगह को भरने के लिए मेरे छात्र और युवा कार्यकर्ता मौजूद हैं।”लोगों ने भी प्रदर्शनकारी छात्रों की पिटाई की।’’
 
उन्होंने कहा कि सदस्य यदि किसी विषय पर चर्चा के लिए सभापति से अनुमति चाहते हैं तो इसके लिए भी नियमों में प्रावधान दिये गये हैं।