Amidst the ongoing war in West Asia, the stock market witnesses a sharp decline in early trading.
आवाज द वॉयस/नई दिल्ली
पश्चिम एशिया में जारी युद्ध और तेल की कीमतों में बढ़ोतरी के बीच सोमवार को शुरुआती कारोबार में शेयर बाजार में भारी गिरावट दर्ज की गई।
विदेशी निवेशकों द्वारा बड़े पैमाने पर निवेश निकालने से घरेलू शेयर बाजार कमजोर हुआ।
शुरुआती कारोबार में 30 शेयरों वाला बीएसई सेंसेक्स 1,191.24 अंक गिरकर 72,391.98 पर आ गया। वहीं, 50 शेयरों वाला एनएसई निफ्टी 349.45 अंक गिरकर 22,470.15 पर रहा।
सेंसेक्स की कंपनियों में एक्सिस बैंक, कोटक महिंद्रा बैंक, बजाज फिनसर्व, बजाज फाइनेंस, भारती एयरटेल और आईसीआईसीआई बैंक सबसे अधिक नुकसान में रहीं।
वहीं भारत इलेक्ट्रॉनिक्स, रिलायंस इंडस्ट्रीज, पावर ग्रिड, टीसीएस और हिंदुस्तान यूनिलीवर लाभ में रहीं।
अंतरराष्ट्रीय तेल मानक ब्रेंट क्रूड की कीमत 2.32 प्रतिशत गिरकर 115.3 अमेरिकी डॉलर प्रति बैरल पर रहीं।
एशिया के अन्य बाजारों में दक्षिण कोरिया का कॉस्पी, जापान का निक्की 225, हांगकांग का हैंग सेंग सूचकांक भारी गिरावट के साथ कारोबार कर रहे थे, जबकि शंघाई का एसएसई कंपोजिट सूचकांक बढ़त के साथ हरे निशान में था।"
अमेरिकी बाजार शुक्रवार को गिरावट के साथ बंद हुए थे।
नैस्डैक कंपोजिट इंडेक्स में 2.15 प्रतिशत की गिरावट आई, जबकि डाउ जोन्स इंडस्ट्रियल एवरेज में 1.73 प्रतिशत और एसएंडपी 500 में 1.67 प्रतिशत की गिरावट आई थी।
शेयर बाजार के आंकड़ों के अनुसार, विदेशी संस्थागत निवेशकों (एफआईआई) ने शुक्रवार को 4,367.30 करोड़ रुपये के शेयर बेचे। हालांकि, घरेलू संस्थागत निवेशकों (डीआईआई) ने 3,566.15 करोड़ रुपये के शेयर खरीदे।
पश्चिमी एशिया में बढ़ते तनाव, कमजोर होते रुपये और भारत की वृद्धि दर पर कच्चे तेल की ऊंची कीमतों के प्रभाव को लेकर चिंताओं के कारण विदेशी निवेशकों ने मार्च में घरेलू शेयरों से 1.14 लाख करोड़ रुपये (लगभग 12.3 अरब अमेरिकी डॉलर) निकाल लिए हैं, जो अब तक का सबसे खराब मासिक बहिर्वाह है।
सेंसेक्स शुक्रवार को 1,690.23 अंक गिरकर 73,583.22 पर बंद हुआ। वहीं निफ्टी 486.85 अंक की गिरावट के साथ 22,819.60 पर बंद हुआ था।