इलाज का खर्च उठाने में असमर्थ थीं विठाबाई, अब श्रद्धा कपूर निभाएंगी किरदार

Story by  रावी | Published by  [email protected] | Date 31-10-2026
Vithabai was unable to afford the cost of her medical treatment; now, Shraddha Kapoor will portray her character.
Vithabai was unable to afford the cost of her medical treatment; now, Shraddha Kapoor will portray her character.

 

नई दिल्ली।

नृत्य का मंच ही उनकी जिंदगी था। दर्शकों की तालियों और वाहवाही के बीच उन्होंने अपनी कला को नई पहचान दिलाई। लेकिन मंच की चमक-दमक से दूर उनकी जिंदगी संघर्ष, टूटते भरोसे, तनावपूर्ण रिश्तों और आर्थिक परेशानियों से भी घिरी रही। महाराष्ट्र की मशहूर तमाशा और लावणी कलाकार विठाबाई भाऊ मांग नारायणगांवकर की जिंदगी अब बड़े पर्दे पर दिखाई देने वाली है। अभिनेत्री श्रद्धा कपूर अपनी आगामी फिल्म ‘इथा’ में विठाबाई का किरदार निभा रही हैं।

लक्ष्मण उतेकर के निर्देशन में बनी फिल्म का ट्रेलर शुक्रवार को जारी किया गया। इसमें विठाबाई के मंचीय जीवन, उनकी कला के प्रति समर्पण और निजी जिंदगी के संघर्षों की झलक दिखाई गई है।

ट्रेलर की शुरुआत श्रद्धा कपूर के लावणी की पारंपरिक पोशाक में मंच पर नजर आने से होती है। सामने बड़ी संख्या में दर्शक मौजूद हैं। हाथों में रोशनी लिए लोग कलाकार के प्रदर्शन का आनंद लेते दिखाई देते हैं। लोक संगीत, नृत्य और मंच की सजावट महाराष्ट्र की लोक कला का माहौल रचते हैं।

हालांकि, फिल्म की कहानी केवल मंच की लोकप्रियता और तालियों तक सीमित नहीं है। यह उस कलाकार की जिंदगी को भी सामने लाती है, जिसने निजी परेशानियों के बावजूद अपनी कला से पहचान बनाई।

भरोसे के टूटने और संघर्ष की कहानी

ट्रेलर के एक दृश्य में श्रद्धा कपूर के किरदार को यह कहते सुना जा सकता है, ‘मेरा विश्वास ही मेरा गौरव था। उस विश्वास के टूटने के बाद सब कुछ समाप्त हो गया।’

यह संवाद विठाबाई के जीवन में आए भावनात्मक संघर्षों की ओर इशारा करता है। कहानी में ऐसे क्षण भी हैं, जब मुश्किलों के बीच उन्हें हौसला बनाए रखने के लिए प्रेरित किया जाता है।

फिल्म में नृत्य के प्रति विठाबाई के गहरे लगाव और उनके पारिवारिक जीवन को भी जगह दी गई है। उनके वैवाहिक रिश्ते और निजी संबंधों के तनाव कहानी के महत्वपूर्ण हिस्से के रूप में सामने आते हैं।

ट्रेलर में नृत्य और जीवन के संघर्ष को जोड़ते हुए भाग्य, मेहनत और परिस्थितियों से जूझने की भावना को भी उभारा गया है।

कौन थीं विठाबाई भाऊ मांग?

महाराष्ट्र के पंढरपुर में 1935 में जन्मीं विठाबाई भाऊ मांग नारायणगांवकर तमाशा और लावणी की चर्चित कलाकारों में शामिल थीं। लोक कलाकारों के परिवार में पली-बढ़ीं विठाबाई ने कम उम्र में ही मंच पर प्रदर्शन करना शुरू कर दिया था।

उनके जीवन से जुड़ी एक घटना लंबे समय तक चर्चा में रही। बताया जाता है कि मंच पर प्रस्तुति के दौरान उन्हें प्रसव पीड़ा शुरू हो गई थी। उन्होंने मंच के पीछे बच्चे को जन्म दिया और फिर प्रदर्शन के लिए तैयार हो गईं। हालांकि, जब दर्शकों को इसकी जानकारी मिली तो उन्होंने प्रस्तुति रोकने और उन्हें आराम करने देने का आग्रह किया।

इस घटना को फिल्म के टीजर में भी दिखाए जाने की बात सामने आई थी। यह प्रसंग विठाबाई के मंच के प्रति समर्पण और उस दौर के कलाकारों की कठिन परिस्थितियों को दर्शाता है।

आर्थिक तंगी में गुजरे आखिरी दिन

मंच पर लोकप्रियता हासिल करने के बावजूद विठाबाई की निजी जिंदगी आसान नहीं रही। फिल्म में उनके पति मारुति सावंत के साथ तनावपूर्ण वैवाहिक जीवन का भी चित्रण किया गया है। कहानी में पति पर उनकी कमाई को नियंत्रित करने और उनके साथ दुर्व्यवहार करने के आरोपों से जुड़े प्रसंग दिखाए गए हैं।

विठाबाई के जीवन के अंतिम दौर में आर्थिक कठिनाइयों की भी चर्चा रही। जनवरी 2002 में उनके निधन के समय प्रकाशित रिपोर्टों के अनुसार, परिवार को अस्पताल के इलाज का खर्च जुटाने में काफी परेशानी का सामना करना पड़ा था।

उनकी कहानी लोक कलाकारों की आर्थिक असुरक्षा और सामाजिक संरक्षण से जुड़े सवाल भी उठाती है। विठाबाई ने तमाशा कलाकारों के कल्याण के लिए काम किया था। उनके बारे में यह भी बताया जाता है कि कलाकारों की पेंशन व्यवस्था के लिए महाराष्ट्र सरकार के साथ प्रयासों में उनकी भूमिका रही।

विठाबाई का जीवन इस बात की याद दिलाता है कि मंच पर सम्मान और लोकप्रियता हासिल करने वाले कलाकारों को निजी जिंदगी में जरूरी सुविधाएं और आर्थिक सुरक्षा हमेशा नहीं मिल पाती।

फिल्म में कई चर्चित कलाकार

‘इथा’ का निर्माण दिनेश विजान, लक्ष्मण उतेकर और करिश्मा शर्मा ने किया है। फिल्म मैडॉक फिल्म्स और कठपुतली क्रिएशन्स के बैनर तले बनी है।

लक्ष्मण उतेकर इससे पहले ‘लुका छुपी’, ‘मिमी’, ‘जरा हटके जरा बचके’ और ‘छावा’ जैसी फिल्मों का निर्देशन कर चुके हैं। श्रद्धा कपूर भी ‘स्त्री’ फ्रेंचाइजी के बाद एक बार फिर मैडॉक फिल्म्स के साथ जुड़ी हैं।

फिल्म में रणदीप हुड्डा, मोहम्मद जीशान अय्यूब, नाना पाटेकर, सिद्धार्थ यादव, अनंत जोशी, अक्षरा सिंह और उल्का गुप्ता भी अहम भूमिकाओं में नजर आएंगे। फिल्म का संगीत अजय-अतुल ने तैयार किया है।

‘इथा’ 4 दिसंबर को सिनेमाघरों में रिलीज होने वाली है। विठाबाई की जिंदगी पर आधारित यह फिल्म महाराष्ट्र की लोक कला, एक कलाकार के संघर्ष और उसके योगदान को नई पीढ़ी तक पहुंचाने की कोशिश है।