आवाज द वॉयस/नई दिल्ली
अभिनेता-फिल्मकार रितेश देशमुख के लिए अपनी महत्वाकांक्षी फिल्म ‘राजा शिवाजी’ को बनाना आसान नहीं था। उन्होंने कहा कि करीब एक दशक लंबा इंतजार अंततः रंग लाया और यह फिल्म “बेहतर” बनी।
एक मई को रिलीज हुई यह ऐतिहासिक फिल्म मराठा साम्राज्य के संस्थापक छत्रपति शिवाजी महाराज के जीवन पर आधारित है। देशमुख ने इसमें शीर्ष भूमिका निभाने के साथ-साथ पटकथा का सह-लेखन और निर्देशन भी किया है।
फिल्म की घोषणा 2016 में हुई थी, लेकिन बाद में यह ठप पड़ गई। 2019 में इसे फिर शुरू किया गया, लेकिन कोविड-19 महामारी के कारण इसे 2023 तक टालना पड़ा, जब देशमुख ने इसके लिए “आखिरी कोशिश” करने का फैसला किया।
प्रसिद्ध निर्देशकों रवि जाधव और नागराज मंजुले के नाम इस परियोजना से जुड़े थे, लेकिन अंततः देशमुख ने खुद इसके निर्देशन की भी जिम्मेदारी संभाली।
देशमुख ने ‘पीटीआई-भाषा’ से बातचीत में कहा, “यह दस साल का सफर काफी लंबा था। कई बार इसे छोड़ दिया गया, लेकिन फिर मन बदल जाता था। अगर यह 2016 में बनती, तो यह फिल्म कुछ और होती। 2023 में शुरू होने से दृष्टिकोण बदला और हमने इसे ज्यादा भव्य और महत्वाकांक्षी बनाने का फैसला किया।”
उन्होंने कहा कि समय के साथ यात्रा का स्वरूप बदला और अब फिल्म को मिल रही प्रतिक्रिया से वह अभिभूत हैं।
देशमुख ने कहा कि देरी फिल्म के लिए कारगर रही। उन्होंने अपनी पत्नी और फिल्म में सह-अभिनेत्री जेनेलिया डिसूजा को भी श्रेय दिया, जिन्होंने फिल्म का निर्माण करने के साथ-साथ इसे भव्य मराठी-हिंदी द्विभाषी फिल्म बनाने में योगदान दिया।