नई दिल्ली
दुनिया के सबसे लोकप्रिय स्ट्रीमिंग प्लेटफॉर्म्स में शामिल नेटफ्लिक्स अब एक बड़े कानूनी विवाद में फंस गया है। अमेरिका के टेक्सास राज्य में नेटफ्लिक्स के खिलाफ मुकदमा दायर किया गया है। इस मुकदमे में आरोप लगाया गया है कि कंपनी उपयोगकर्ताओं की निजी जानकारी बिना अनुमति के एकत्र कर रही है, उसे विज्ञापन कंपनियों और डेटा ब्रोकरों के साथ साझा कर रही है, और खास तौर पर बच्चों को लंबे समय तक स्क्रीन से चिपकाए रखने के लिए मनोवैज्ञानिक तरीके अपना रही है।
रॉयटर्स की रिपोर्ट के अनुसार, यह मुकदमा टेक्सास के अटॉर्नी जनरल की ओर से सोमवार को दायर किया गया। शिकायत में कहा गया है कि नेटफ्लिक्स कई वर्षों से अपने उपयोगकर्ताओं को यह भरोसा दिलाता रहा कि वह उनकी निजी जानकारी न तो इकट्ठा करता है और न ही किसी के साथ साझा करता है। लेकिन वास्तव में कंपनी दर्शकों की देखने की आदतें, पसंद, सर्च हिस्ट्री और प्लेटफॉर्म पर बिताए गए समय जैसी जानकारियां लगातार जमा कर रही थी।
मुकदमे में दावा किया गया है कि यह डेटा बाद में विज्ञापन तकनीक कंपनियों और डेटा ब्रोकरों के साथ साझा किया गया, जिससे कंपनी को आर्थिक लाभ हुआ। टेक्सास अधिकारियों का कहना है कि यह उपयोगकर्ताओं की गोपनीयता का गंभीर उल्लंघन है।
शिकायत में यह भी आरोप लगाया गया कि नेटफ्लिक्स ने जानबूझकर ऐसे फीचर्स बनाए जो लोगों, खासकर बच्चों, को ज्यादा समय तक स्क्रीन पर बनाए रखते हैं। इसमें सबसे प्रमुख उदाहरण ‘ऑटोप्ले’ फीचर का बताया गया है। इस फीचर में एक एपिसोड या फिल्म खत्म होते ही अगला शो अपने आप शुरू हो जाता है, जिससे दर्शक बिना सोचे-समझे लगातार कंटेंट देखते रहते हैं।
अधिकारियों के मुताबिक, नेटफ्लिक्स ने ऐसे “डार्क पैटर्न” का इस्तेमाल किया जो उपयोगकर्ताओं को प्लेटफॉर्म छोड़ने से रोकते हैं। टेक्सास सरकार का आरोप है कि कंपनी का मकसद बच्चों और परिवारों को अधिक से अधिक समय तक स्क्रीन से जोड़े रखना था ताकि उस दौरान उनके व्यवहार और पसंद से जुड़ी ज्यादा जानकारी जुटाई जा सके।
मुकदमे में एक तीखी टिप्पणी भी की गई है। इसमें कहा गया है, “जब आप नेटफ्लिक्स देख रहे होते हैं, उसी समय नेटफ्लिक्स भी आपको देख रहा होता है।”
टेक्सास के अधिकारियों ने कहा कि नेटफ्लिक्स की ये गतिविधियां राज्य के “भ्रामक व्यापार व्यवहार अधिनियम” का उल्लंघन करती हैं। उन्होंने अदालत से मांग की है कि कंपनी अवैध रूप से एकत्र किया गया डेटा तुरंत नष्ट करे और उपयोगकर्ताओं की स्पष्ट अनुमति के बिना लक्षित विज्ञापन के लिए किसी भी डेटा का इस्तेमाल बंद करे।
इसके साथ ही अधिकारियों ने प्रत्येक उल्लंघन पर अधिकतम 10 हजार डॉलर तक का जुर्माना लगाने की भी मांग की है। यदि अदालत इन आरोपों को सही मानती है, तो नेटफ्लिक्स को भारी आर्थिक नुकसान उठाना पड़ सकता है।
हालांकि नेटफ्लिक्स ने इन सभी आरोपों को सिरे से खारिज कर दिया है। कंपनी के प्रवक्ता ने रॉयटर्स से कहा कि यह मुकदमा “बेबुनियाद, झूठी और भ्रामक जानकारी” पर आधारित है। उन्होंने दावा किया कि नेटफ्लिक्स अपने उपयोगकर्ताओं की गोपनीयता को बेहद गंभीरता से लेता है और हर देश के डेटा सुरक्षा कानूनों का पालन करता है।