पुणे (महाराष्ट्र)
दिग्गज अभिनेता नाना पाटेकर के बेटे मल्हार पाटेकर ने कहा है कि उनके पिता का काम और समाज के प्रति उनका योगदान उन्हें हमेशा अमर बनाए रखेगा। उन्होंने कहा कि नाना पाटेकर की सोच और उनके सामाजिक कार्यों, खासकर नाम फाउंडेशन के माध्यम से शुरू की गई पहलों को आगे बढ़ाया जाएगा।
नाना पाटेकर का निधन गंभीर कार्डियक अरेस्ट के बाद हो गया। उन्हें मणिपाल अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने करीब 45 मिनट तक उन्हें बचाने की कोशिश की। मणिपाल अस्पताल के ऑन्कोलॉजी विभाग के प्रमुख डॉ. शेखर सालगांवकर ने एएनआई से उनके निधन की पुष्टि की। पुणे में पूरे राजकीय सम्मान के साथ उनका अंतिम संस्कार किया गया।
अपने पिता की विरासत पर बात करते हुए मल्हार पाटेकर ने कहा, “नाना साहेब जैसे इंसान कभी वास्तव में हमसे दूर नहीं होते। उनके काम और उपलब्धियों ने उन्हें अमर बना दिया है। उनका हमेशा यह विश्वास था कि पूरी दुनिया के लोगों को एकजुट होकर सही रास्ते पर चलना चाहिए। अब उन्होंने जो सोच और उद्देश्य हमें सौंपे हैं, उन्हें आगे बढ़ाकर ही हम अपना भविष्य बनाएंगे।”
मराठवाड़ा में सामाजिक कार्यों को आगे बढ़ाने की तैयारी
मराठवाड़ा में प्रस्तावित कार्यों के बारे में मल्हार ने बताया कि नाना पाटेकर ने हाल ही में इस परियोजना पर चर्चा की थी और जल्द ही काम शुरू होने वाला था। उन्होंने कहा कि पिता से मुलाकात के दौरान भी इस विषय पर बातचीत हुई थी।
मल्हार के मुताबिक, नाम फाउंडेशन बड़े स्तर पर काम कर रहा है। मुख्यमंत्री का भी मानना है कि यदि सरकार और संगठन मिलकर प्रयास करें, तो निर्धारित लक्ष्य हासिल किया जा सकता है।
उन्होंने कहा कि नाना पाटेकर की सोच हमेशा मानवता की सेवा करने और दुनिया को बेहतर बनाने की रही। वह अक्सर कहते थे कि मानवता के नाम पर सभी को एकजुट होकर दुनिया की बेहतरी के लिए काम करना चाहिए।
मल्हार ने बताया कि नाम फाउंडेशन पहले से ही जल संरक्षण के क्षेत्र में काम कर रहा है। इसके अलावा कश्मीर में शिक्षा और स्वास्थ्य के क्षेत्र में भी बड़े स्तर पर पहल शुरू की गई हैं। उन्होंने कहा कि नाना साहेब ने अपने निधन से पहले सभी को उनकी जिम्मेदारियां सौंप दी थीं।
मुख्यमंत्री से हुई बातचीत का जिक्र करते हुए मल्हार ने कहा कि नाम फाउंडेशन के मुख्य कार्यकारी अधिकारी गणेश थोराट के मार्गदर्शन में संगठन का काम जारी है। मुख्यमंत्री ने माना कि सरकार और फाउंडेशन पहले भी साथ काम कर चुके हैं, लेकिन नाना पाटेकर इस बार इन प्रयासों को और व्यापक स्तर पर आगे बढ़ाना चाहते थे। अब यह सुनिश्चित करना सभी की जिम्मेदारी है कि उनकी कल्पना और योजनाएं पूरी हों।
सुनेत्रा पवार ने जताया दुख
महाराष्ट्र की उपमुख्यमंत्री सुनेत्रा पवार ने नाना पाटेकर के निधन पर गहरा दुख व्यक्त किया। उन्होंने कहा, “आज सुबह हमें बेहद दुखद खबर मिली। नाना पाटेकर जी अब हमारे बीच नहीं रहे। यह सिर्फ फिल्म उद्योग के लिए ही नहीं, बल्कि हम सभी के लिए बहुत बड़ी क्षति है। हमने अभी उनका अंतिम संस्कार किया है। हम प्रार्थना करते हैं कि उनकी आत्मा को शांति मिले।”
शिवसेना (यूबीटी) के सांसद अनिल देसाई ने भी नाना पाटेकर के निधन को महाराष्ट्र और पूरे देश के लिए बड़ा सदमा बताया। उन्होंने कहा कि नाना पाटेकर ने एक अभिनेता के रूप में ही नहीं, बल्कि एक अच्छे इंसान के रूप में भी अपनी अलग पहचान बनाई थी।
देसाई ने कहा, “हम उन्हें एक बेहद संवेदनशील इंसान के रूप में जानते थे। उनका निधन समाज, फिल्म उद्योग और हम सभी के लिए बहुत बड़ी क्षति है।”
विपक्ष के विरोध प्रदर्शन पर भी बोले अनिल देसाई
अनिल देसाई ने दिल्ली में इंडिया गठबंधन के विरोध प्रदर्शन का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि जंतर-मंतर से शुरू हुआ आंदोलन अब देश के अलग-अलग हिस्सों तक फैल गया है। उनके मुताबिक, इस मामले में जो बातें सामने आई हैं, वे दुनिया के सबसे बड़े लोकतंत्र के लिए अच्छी नहीं हैं।
नाना पाटेकर का अंतिम संस्कार गुरुवार को किए जाने के बारे में उन्होंने कहा कि घटना सुबह हुई थी और तब तक काफी समय बीत चुका था। इसलिए उसी दिन अंतिम संस्कार करने का फैसला लिया गया।
सुरेश वाडकर ने बताया बड़ा कलाकार और करीबी दोस्त
प्रसिद्ध गायक सुरेश वाडकर ने भी नाना पाटेकर को श्रद्धांजलि दी। उन्होंने कहा कि नाना पाटेकर उनके लिए बड़े भाई जैसे थे और दोनों के बीच गहरी दोस्ती थी।
वाडकर ने कहा, “मैं उन्हें दिल से श्रद्धांजलि देता हूं। वह मेरे बड़े भाई जैसे थे और बहुत अच्छे दोस्त थे। सुख-दुख में वह हमेशा मेरे साथ खड़े रहे। हमने एक बहुत बड़े कलाकार को खो दिया है। उन्हें इस हालत में देखना बेहद पीड़ादायक था। वह मेरे परिवार से बहुत प्यार करते थे। हम उन्हें कभी नहीं भूल सकते। वह हमेशा याद किए जाएंगे। ईश्वर उनकी आत्मा को शांति दे।”